महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा डिजिटल फसल सर्वेक्षण (DCS) और राजस्व संबंधी कार्यों की नियमित समीक्षा के बाद महासमुंद जिले के 5 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन पटवारियों को पहले ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया था। हालांकि, निर्धारित समय-सीमा में उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान सभी का मुख्यालय संबंधित तहसील कार्यालय नियत किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
इन पटवारियों पर गिरी गाज, ये हैं आरोप:
- उदय प्रकाश राजपूत (पटवारी हल्का नंबर-02, तहसील बसना): डिजिटल फसल सर्वेक्षण (DCS) कार्य प्रारंभ न करने और कार्य में बेहद खराब प्रगति के कारण।
- जितेंद्र सिंह बाघ (तहसील सरायपाली): ग्राम पड़कीपाली में शासकीय भूमि को अपनी मनमर्जी से दूसरे कृषक के नाम पर पटवारी रिकॉर्ड में दर्ज करने (गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक गड़बड़ी) के कारण।
- हरीश चंद्राकर (तहसील महासमुंद): ग्राम बड़गांव में खसरा नंबर की वास्तविक स्थिति को छुपाकर दोबारा गलत तरीके से नामांतरण करने के आरोप में।
- सुश्री कंचन साहू (तहसील बागबाहरा): दिए गए निर्देशों के बावजूद डिजिटल फसल सर्वेक्षण का भौतिक सत्यापन (PV APP द्वारा गिरदावरी) नहीं करने के कारण।
- लुकेश यादव (तहसील बागबाहरा): डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य में लापरवाही और निर्धारित समय-सीमा तक भौतिक सत्यापन पूरा न करने के कारण।
समय-सीमा बीतने के बाद भी नहीं शुरू किया काम
शासकीय आदेश के मुताबिक, वर्ष 2026-27 के डिजिटल फसल सर्वेक्षण (DCS) के लिए शेष बचे खसरों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर गिरदावरी कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 तय की गई थी। इसके बावजूद संबंधित पटवारियों द्वारा कार्य में घोर उदासीनता बरती गई, जिससे समय पर गिरदावरी कार्य पूरा होने में बाधा आई।
इन नियमों के तहत हुई कार्रवाई
पटवारियों के इस कृत्य को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली (भाग-एक के अध्याय-1, खण्ड-1) तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 09 के उपनियम (1) (क) के तहत यह सख्त निलंबन आदेश जारी किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों और जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



