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गरियाबंद में बड़ी प्रशासनिक गाज: कोदोभाठा के पंचायत सचिव गजेंद्र सिंह ध्रुव निलंबित, विकास कार्यों में लापरवाही पर CEO का कड़ा एक्शन

गरियाबंद: विकास कार्यों में गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता बरतने के मामले में गरियाबंद जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रखर चंद्राकार ने मैनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कोदोभाठा के सचिव गजेंद्र सिंह ध्रुव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस सख्त फैसले से मैदानी स्तर के लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।


🛑 इन दो बड़े मामलों में बरती गई लापरवाही

पंचायत सचिव पर यह कार्रवाई क्षेत्र में स्वीकृत महत्वपूर्ण विकास कार्यों को समय पर पूरा न करने और मनमानी करने के कारण हुई है:

  • अधूरा खाद्य गोदाम: ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ के तहत स्वीकृत खाद्य गोदाम का निर्माण कार्य लंबे समय से सिर्फ छत के स्तर तक लाकर अधूरा छोड़ दिया गया था।
  • आंगनबाड़ी भवन में देरी: पंचायत क्षेत्र में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी शुरू ही नहीं किया गया था।

📋 नोटिस का जवाब न देना पड़ा भारी

इन तमाम प्रशासनिक अनियमितताओं और निर्माण कार्यों में लापरवाही को देखते हुए विभाग द्वारा संबंधित पंचायत सचिव को पहले ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया था। लेकिन, सचिव द्वारा नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। उच्च अधिकारियों ने इसे घोर अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही माना।


⚖️ तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकार ने कड़ा रुख अपनाया और सचिव गजेंद्र सिंह ध्रुव के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय निर्धारित नियमों के तहत तय किया गया है। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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