रायपुर, 5 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के खरोरा थाना इलाके से एक बड़ी और हिंसक घटना सामने आई है। रायखेड़ा स्थित अडानी पावर प्लांट फैक्ट्री के भीतर अवैध रूप से शराब बेचने के विरोध में मजदूरों के दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ। मामला इतना बढ़ गया कि उपद्रवियों ने स्थानीय सरपंच और मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भी निशाना बनाया। इस हमले में खरोरा थाना प्रभारी (TI) समेत कई पुलिस जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
शराब बिक्री के विरोध से भड़की हिंसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद रायखेड़ा अडानी फैक्ट्री परिसर के भीतर अवैध रूप से शराब बेची जाने के कारण शुरू हुआ। कुछ मजदूरों द्वारा अंदर ही शराब बेचने का स्थानीय ग्रामीणों और मजदूरों के दूसरे गुट ने कड़ा विरोध किया था। देखते ही देखते यह बहस बिहार और छत्तीसगढ़ के मजदूरों के दो गुटों के बीच खूनी झड़प और बलवे में तब्दील हो गई।
सरपंच की गाड़ी में तोड़फोड़ और पुलिस पर पथराव
हंगामे की खबर मिलते ही रायखेड़ा के सरपंच दिनेश वर्मा मौके पर पहुंचे, लेकिन आक्रोशित मजदूरों और उपद्रवियों ने उन पर भी पथराव कर दिया, जिससे उनकी गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर जब खरोरा थाना पुलिस बल स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचा, तो उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर ही सीधा हमला बोल दिया। उपद्रवियों द्वारा किए गए भारी पथराव में खरोरा थाना प्रभारी (TI) और कई अन्य जवान घायल हुए हैं।
अतिरिक्त पुलिस बल तैनात, स्थिति नियंत्रण में
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया, जिसके बाद रात में ही मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल रवाना किया गया。 विधानसभा डीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी के मुताबिक, मजदूरों और सुरक्षाकर्मियों के बीच शराब बिक्री को लेकर विवाद हुआ था। फिलहाल पुलिस ने इलाके को घेरकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया है। घटना में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।



