बलौदाबाजार। फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में पहले से गिरफ्तार भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री के बेटे प्रणव अवस्थी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अब उनके खिलाफ नौकरी लगाने के नाम पर 50 हजार रुपये लेने और कथित तौर पर फर्जी NEFT रिसीप्ट भेजने की शिकायत सामने आई है। महासमुंद जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र के ग्राम खेमड़ा निवासी एक बेरोजगार युवक ने बलौदाबाजार पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर पूरे मामले की जांच, कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वह नौकरी की तलाश में था। इसी दौरान बारनवापारा क्षेत्र के रहने वाले उसके एक परिचित ने उसकी मुलाकात प्रणव अवस्थी से कराई थी। आरोप है कि उसे शराब दुकान में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया गया और इसके एवज में उससे 50 हजार रुपये लिए गए।
नौकरी के लिए 50 हजार लेने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि नौकरी के लिए रकम लेने के बाद उसे डीडी बनाकर जमा कराने की जानकारी दी गई थी। हालांकि बाद में डीडी संदिग्ध प्रतीत होने पर उसने नौकरी नहीं करने और अपनी 50 हजार रुपये की रकम वापस करने की मांग की।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, रकम वापस करने के लिए प्रणव अवस्थी की ओर से NEFT के माध्यम से पैसा ट्रांसफर करने की रिसीप्ट भेजी गई। लेकिन उसके बैंक खाते में राशि जमा नहीं हुई।
NEFT रिसीप्ट भी फर्जी होने का दावा
शिकायतकर्ता का दावा है कि जब बैंक खाते में रकम नहीं पहुंची तो उसने भेजी गई NEFT रिसीप्ट की जांच कराई। जांच के दौरान कथित तौर पर रिसीप्ट भी संदिग्ध पाई गई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
पीड़ित ने शिकायत में FIR दर्ज करने और 50 हजार रुपये की राशि वापस दिलाने की मांग की है।
शिकायत महासमुंद भेजी जाएगी
मामले में पुलिस अधीक्षक ने शिकायतकर्ता को बताया कि शिकायत का संबंध महासमुंद जिले से है। इसके चलते शिकायत को संबंधित जिले में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
अब संबंधित पुलिस मामले की जांच करेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में पहले से गिरफ्तार
गौरतलब है कि प्रणव अवस्थी को ग्रामीण चिकित्सा सहायक के कथित फर्जी ट्रांसफर आदेश से जुड़े मामले में पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, कंप्यूटर के माध्यम से फर्जी ट्रांसफर आदेश तैयार कराने में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
इस मामले में भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, उनके बेटे प्रणव अवस्थी, कंप्यूटर ऑपरेटर परख कश्यप समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपी न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल में हैं।
पार्टी ने भी लिया संगठनात्मक एक्शन
फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले के बाद भाजपा ने भी संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई की है। पूर्व जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और पूर्व जिला उपाध्यक्ष पुनीराम पटेल को पार्टी की ओर से 6 साल के लिए निष्कासित किया जा चुका है।
यह कार्रवाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशन में की गई थी।
नई शिकायत सामने आने के बाद प्रणव अवस्थी की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। हालांकि, नौकरी के नाम पर रकम लेने और कथित फर्जी NEFT रिसीप्ट से जुड़े आरोपों की सच्चाई संबंधित पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।



