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रेलवे टिकट दलाली का भंडाफोड़: बिलासपुर के करगीरोड आरक्षण केंद्र से मुख्य लिपिक गिरफ्तार, WhatsApp चैट से खुले राज

बिलासपुर, 1 अक्टूबर 2026: रेलवे में टिकट दलाली और अवैध बुकिंग के खिलाफ चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। आरपीएफ की टीम ने बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले करगीरोड रेलवे आरक्षण केंद्र में औचक कार्रवाई करते हुए वहां तैनात मुख्य वाणिज्य लिपिक (Chief Commercial Clerk) चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क पर बिना किसी आधिकारिक आरक्षण मांग पत्र (Reservation Form) के अवैध रूप से कंफर्म टिकट बनाने और उन्हें अपने पास रखने का गंभीर आरोप है।

प्रति यात्री 200 से 300 रुपये कमीशन का खेल

रेलवे सुरक्षा बल की प्रारंभिक पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि मुख्य लिपिक चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा एक बड़े टिकट दलाली नेटवर्क का हिस्सा था। वह जैतहरी के रहने वाले वीरेंद्र केंवट नामक दलाल के इशारे पर अवैध रूप से आरक्षित टिकट तैयार करता था। इस अवैध काम के बदले में दलाल से प्रति यात्री 200 से 300 रुपये तक का मोटा कमीशन वसूला जाता था।

मोबाइल फोन और WhatsApp चैट ने खोले राज

आरपीएफ ने कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से भारी मात्रा में टिकट और नकदी बरामद की है। जांच टीम ने मौके से 76 हजार रुपये से अधिक मूल्य के 15 आरक्षित टिकट और आरोपी का मोबाइल फोन जब्त किया है।

जब आरपीएफ ने आरोपी के मोबाइल फोन की बारीकी से जांच की, तो उसमें से टिकटों की अवैध बुकिंग, यात्रियों की सूची और पैसों के लेन-देन से संबंधित कई महत्वपूर्ण WhatsApp चैट बरामद हुए हैं। यह चैट इस बात का पुख्ता सबूत हैं कि आरक्षण केंद्र के भीतर ही बैठकर लंबे समय से इस गोरखधंधे को अंजाम दिया जा रहा था।

जांच का दायरा बढ़ा, कई और चेहरे आ सकते हैं सामने

करगीरोड रेलवे आरक्षण केंद्र में लंबे समय से टिकट बुकिंग में अनियमितता की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद आरपीएफ ने इस गुप्त ऑपरेशन को अंजाम दिया। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा की गिरफ्तारी इस रैकेट की सिर्फ एक कड़ी है। इस पूरे मामले में रेलवे के कुछ अन्य कर्मचारियों और बाहरी दलालों के नेटवर्क की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल आरपीएफ और रेलवे सतर्कता विभाग (Vigilance) की संयुक्त टीम इस टिकट दलाली के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे की जांच और छापेमारी की कार्रवाई कर रही है।


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