रायपुर। मानसून की बारिश के साथ ही देशभर में डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। मुंबई समेत कई बड़े शहरों में pअस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए डेंगू का खतरा और भी ज्यादा है। शुगर लेवल अनकंट्रोल होने पर इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे डेंगू गंभीर रूप ले सकता है।
लक्षणों पर रखें नजर
तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी, शरीर पर लाल चकत्ते और प्लेटलेट्स का गिरना डेंगू के मुख्य लक्षण हैं। वहीं मलेरिया में ठंड के साथ बुखार और पसीना आता है।
बचाव के 4 जरूरी उपाय
1. पानी जमा न होने दें – कूलर, गमले, टायर में रुका पानी हर 3 दिन में साफ करें
2. पूरी बाजू के कपड़े पहनें – खासकर सुबह-शाम जब मच्छर ज्यादा काटते हैं
3. मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
4. बुखार आए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं – घर पर खुद दवा न लें
डॉक्टरों का कहना है कि “समय पर इलाज से डेंगू-मलेरिया को हराया जा सकता है। लक्षण दिखते ही जांच करवाना जरूरी है।”
Note : ये जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। कोई भी समस्या हो तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करें।




