रायपुर, 14 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों तक शासन की योजनाओं और नागरिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयासों को एक बड़ी राष्ट्रीय सफलता मिली है। सुकमा जिले की अभिनव पहल ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ को भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने ‘स्टेट कोलैबोरेशन इनिशिएटिव’ के तहत देश के 14 चयनित प्रस्तावों में शामिल किया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 1.17 करोड़ रुपए की वित्तीय मंजूरी भी दे दी है।
सेवा संकल्प अभियान की भावना के अनुरूप विस्तार
प्रशासन द्वारा समन्वय केंद्र सेवा का विस्तार करते हुए प्रस्ताव “सुकमा कनेक्ट (सीएमसीसी) 2.0” तैयार कर प्रस्तुत किया गया था। यह पहल राज्य सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान’ की भावना के अनुरूप है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासकीय सेवाएं पहुंचाना है।
24 घंटे कॉल सेंटर और मोबाइल वैन से मिलेगी सुविधा
इस नई योजना के तहत अब सुकमा जिले के दूरस्थ और पहुंचविहीन गांवों के ग्रामीणों को उनके घर के पास ही नागरिक सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए मुख्य रूप से दो बड़े माध्यम तैयार किए जा रहे हैं:
- मोबाइल सेवा वैन: ये वैन सीधे सुदूर गांवों तक पहुंचकर लोगों को शासकीय सेवाओं का लाभ देंगी।
- 24×7 बहुभाषी कॉल सेंटर: ग्रामीणों की सहायता के लिए चौबीसों घंटे संचालित होने वाला एक कॉल सेंटर शुरू किया जाएगा, जो स्थानीय बोलियों और भाषाओं में काम करेगा ताकि किसी भी ग्रामीण को संवाद करने में परेशानी न हो।
केंद्र सरकार से मिली इस वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी के बाद अब सुकमा के आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सरकारी सेवाओं की डिलीवरी और भी तेज व पारदर्शी होने की उम्मीद है।



