बेमेतरा सिटी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर-7 स्थित परशुराम चौक का है जहां पुलिस ने फांसी लगाने की कोशिश करने वाली एक महिला को बिना किसी डॉक्टरी जांच के मृत मान लिया. इतना ही नहीं, पुलिस ने बेसुध महिला को मृत समझकर कमरे में बंद किया, ताला जड़ा और परिजनों को अंदर जाने से रोक दिया. करीब दो तीन घंटे बाद जब पुलिस पंचनामे की औपचारिकता पूरी करने पहुंची, तो महिला जिंदा मिली.
महिला को जिंदा देख परिजनों ने बिना एक पल गंवाए उसे फंदे से नीचे उतारा और आनन-फानन में शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है.
इस घटना के बाद से पूरे बेमेतरा इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है. परिजनों और स्थानीय नागरिकों में पुलिस के इस रवैये को लेकर भारी नाराजगी है.
लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने तत्परता दिखाई होती और महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया होता, तो उसकी हालत इतनी गंभीर नहीं होती.
ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए.




