छत्तीसगढ़

ग्रामोद्योग से मिला पांच लाख से अधिक परिवारों को रोजगार: मंत्री गुरु रुद्रकुमार

रायपुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रुद्रकुमार पण्डरी स्थित छत्तीसगढ़ हाट बाजार में लगी छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में ग्रामीणों को रोजगार दिलाना और स्वरोजगार से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है जिसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण काल की विषम परिस्थितियों में भी ग्रामोद्योग विभाग के सभी घटक द्वारा पांच लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना हमारी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि व्यवसायिक माल से भी अधिक भीड़ होना, प्रदर्शनी के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ना ऐसे आयोजनों के सफलता का प्रमाण है। स्वदेशी को बढ़ावा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और सुदृढ़ीकरण की दिशा में बोर्ड द्वारा रोजगार सृजन संबंधी की जो गतिविधियां संचालित की जा रही है, वह सराहनीय है इसके लिए खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी और प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा सहित उनकी टीम बधाई के पात्र हैं।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन और राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल ने भी अपने-अपने संबोधन में राज्य में संचालित सभी महत्वाकांक्षी योजना की सराहना करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति तीज-त्योहारों, और परम्परा को संजोकर रखने का जो कार्य किया है। इस अवसर पर ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड से जुड़ी स्व सहायता समूह महिलाओं को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।
8 मार्च तक चलने वाली इस 15 दिवसीय प्रदर्शनी में खादी वस्त्रों की खरीदी पर 30 प्रतिशत की छूट और ग्रामोद्योग निर्मित सामग्रियों की खरीदी पर 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा ने बताया कि इस प्रदर्शनी में प्रतिदिन संध्याकाल में संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ी लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 38 लाख से अधिक की आमदनी शिल्पकारों को हुई है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय मॉडलों ने खादी के पारंपरिक वस्त्रों का रैंप में चलकर प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम के दौरान लक्की ड्रॉ के दस विजेताओं को जंगल सफारी की दो टिकट प्रदान किया गया। इस अवसर पर खादी और ग्रामोद्योग के सलाहकार एस.एस. त्रिभुवन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के महाप्रबंधक शंकर लाल धुर्वे, खादी बोर्ड के अनुप प्रताप एक्का, जे.एस. मरकाम सहित विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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