छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन की गाइडलाइन से दुविधा में फंसे दूध वाले भैया ! राहत पाने के लिए कलेक्टर से लगाईं गुहार

जांजगीर/चांपा। जिले में लॉकडाउन के दौरान जारी की गई गाइडलाइन से डेयरी में सप्लाई करने वाले दूधवाले भैया दुविधा में है। उनका कहना है कि घर में जाकर दूध बांटने वालों को लॉकडाउन में छूट दी गई है। जबकि डेयरी में सप्लाई करने वाले दूध विक्रेताओं को छुट नहीं है। ऐसे में प्रत्येक दिन हजारों लीटर दूध बर्बाद हो रहा है।

इसी शिकायत को लेकर दूध विक्रेता और उत्पात संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है और उन्हें भी छूट देने की मांग की है। अब जिला प्रशासन के सामने समस्या है कि अगर इन्हें छूट दी जाएगी तो लोगों का आवागमन इस बहाने फिर सड़कों पर दिखाई देने लगेगा।

संघ ने कलेक्टर से कहा है कि हम सभी दुग्ध उत्पादक अधिकाधिक मात्रा में दुग्ध उत्पादन कर डेयरी में सप्लाई करते हैं, सभी दुग्ध उत्पादकों के पास उनके द्वारा उत्पादित दुध का कोई अलग अलग निर्धारित ग्राहक नहीं हैं, इस कारण इसे घर-घर वितरित करने में परेशानी होगी और यह प्रायोगिक रूप से संभव नहीं हैं, जिसके कारण उत्पादित दुध नष्ट हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि दुग्ध वितरण व्यवस्था को आवश्यकता अनुरूप सुव्यवस्थित करने की कृपा करें, ताकि उत्पादित दुग्ध भी खराब न हो और कोविड गाइडलाइन के नियमों का पालन भी हो। दुग्ध खराब होने की स्थिति में पशुओं के चारा की व्यवस्था करने में असमर्थता होगा व हमारे सामने आर्थिक तंगी के कारण जीवन यापन कर पाना मुश्किल होगा। इसलिए सुबह 6 से 8 बजे तक एवं शाम को 5 से 6:30 बजे दुध वितरण की अनुमति दी जाए तो हितकर होगा।

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