छत्तीसगढ़

राजधानी में डीईओ ने ली बच्चों की क्लास, शिक्षकों को समय पर स्कूल आने की दी नसीहत

रायपुर। जिला शिक्षा अधिकारी(डीईओ) एएन बंजारा ने मंगलवार को विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण किया। डीईओ मातृ सदन हायर सेकेंडरी स्कूल मंदिर हसौद पहुंचे। यहां स्कूल से छात्र-छात्राएं अनुपस्थित मिलने पर शिक्षकों के रहने के बाद भी कक्षाओं का संचालन नहीं होने पर डीईओ ने प्राचार्या एक्का को फटकार लगाई, साथ ही कारण बताओ नोटिस भी जारी किया।

उन्होंने कहा कि कुछ स्कूलों में शिक्षक समय पर नहीं आ रहे हैं। ऐसी शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीईओ ने आरंग में प्राचार्यों की मैराथन बैठक ली। उन्होंने स्कूलों में बच्चों के बेसलाइन आकलन का अवलोकन किया और शिक्षकों को आने वाले समय में बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट अपने पास ही रखने के निर्देश दिए। डीईओ एएन बंजारा ने कहा है कि पढ़ाई तुंहर दुआर कार्यक्रम-2 के निर्धारित घटकों के अनुरूप शिक्षक समय पर बच्चों की पढ़ाई पूरा कराएं।

डीईओ एएन बंजारा ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल उमरिया में बच्चों को चाक लेकर पढ़ाया और इस दौरान रेखा साहू और निशा से गिनती और पहाड़ा पूछा। इसके अलावा बच्चों से किताबें भी पढ़वाई। डीईओ ने शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे प्राथमिक स्कूलों में अध्ययनरत् विद्यार्थियों में पठन कौशल विकसित करने के लिए रोचक कहानियां सुनाएं। बच्चों से कक्षा में इसका पाठ भी कराया जाए, ताकि उनमें पढ़ने के साथ-साथ वाक्यों को समझने की क्षमता विकसित हो सके। इस दौरान बच्चों ने कहा कि उन्हें स्कूल आने में बहुत अच्छा लग रहा है।

नेशनल अचीवमेंट सर्वे परीक्षा के हिसाब से पढ़ाएं

डीईओ बंजारा ने आरंग में नोडल प्राचार्यों की बैठक लेकर नेशनल अचीवमेंट के हिसाब से बच्चों को प्रैक्टिस कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के लेखन कौशल में सुधार लाने और रचनात्मक कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए कहा है।

गांधी जयंती पर होगी बच्चों की प्रतियोगिता

डीईओ एएन बंजारा ने बताया कि पढ़ई तुंहर दुआर 2.0 के प्रथम चरण में प्रदेश की सभी प्राथमिक शालाओं के लिए जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन दो अक्टूबर को किया जाएगा। यह प्रतियोगिता बच्चों के पढ़ने के कौशल, बच्चों द्वारा तैयार हस्तलिखित पुस्तिकाओं की प्रदर्शनी, विज्ञान के प्रयोगों की प्रदर्शनी कर समझाना और आमाराइट की तरह छोटे-छोटे प्रोजेक्ट कार्यों को प्रस्तुतिकरण की होगी।

प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए जिले की सभी प्राथमिक विद्यालय से शाला स्तर, संकुल स्तर और विकासखण्ड स्तर पर समुदाय से निर्णायक मंडल गठन कर उत्कृष्ट विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। कक्षा 6वीं से 12वीं तक अध्ययनरत बच्चों को अंग्रेजी और गणित में दक्ष बनाने के लिए टेली प्रेक्टिस कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।

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