
बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस ने तड़के एक बड़ा और सुनियोजित कॉम्बो अभियान चलाया। इस विशेष कार्रवाई के तहत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी गई, जिसमें कुल 80 आदतन अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से शहर के आपराधिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान की तैयारी काफी पहले से की जा रही थी। पिछले एक वर्ष के अपराध रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण कर करीब 250 आदतन अपराधियों की सूची तैयार की गई थी। इस सूची में ऐसे अपराधियों को शामिल किया गया था, जो जेल से छूटने के बाद फिर से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गए थे और शहर की शांति व्यवस्था के लिए लगातार खतरा बने हुए थे।
इसी रणनीति के तहत सुबह सभी थाना क्षेत्रों की टीमों ने एक साथ दबिश दी। कई आरोपियों को उनके घरों से ही गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पकड़े गए। इस समन्वित कार्रवाई ने पुलिस की तैयारियों और खुफिया नेटवर्क की मजबूती को भी दर्शाया।
छापेमारी के दौरान पुलिस को कई आरोपियों के पास से चाकू, चापड़ और अन्य धारदार हथियार मिले। इन सभी अवैध हथियारों को जब्त कर लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सभी गिरफ्तार बदमाशों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस बार पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध में शामिल गिरोहों की फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन की जाएगी। यदि जांच में यह सामने आता है कि अपराधियों ने अवैध कमाई से संपत्ति अर्जित की है, तो उसे कुर्क कर राजसात किया जाएगा।
पुलिस अब हिस्ट्रीशीटरों, नशा कारोबारियों, भू-माफियाओं और अवैध खनन से जुड़े नेटवर्क पर भी कड़ी नजर रख रही है। सोशल मीडिया गतिविधियों और मूवमेंट ट्रैकिंग के जरिए संदिग्धों की निगरानी की जा रही है। साथ ही बीट स्तर पर पुलिसकर्मियों को सक्रिय कर हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हाल ही में हुए जांजगीर गोलीकांड के बाद पुलिस की सख्ती और बढ़ गई है। इसी कड़ी में यह व्यापक अभियान चलाया गया, ताकि किसी भी बड़ी आपराधिक घटना को समय रहते रोका जा सके।



