छत्तीसगढ़

ACB की कार्रवाई से मचा हड़कंप, 60 हजार लेते पकड़ाया शिक्षक, बाबू ले रहा था 40 हजार रुपये

रायगढ़/कोरबा। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार को एसीबी बिलासपुर की टीम ने रायगढ़ और कोरबा जिले में अलग-अलग ट्रैप कार्रवाई करते हुए दो लोक सेवकों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में एक तहसील कार्यालय में बाबू के रूप में अटैच सहायक शिक्षक और दूसरा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का लिपिक शामिल है। दोनों मामलों में एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

रायगढ़ में 60 हजार रुपये लेते पकड़ा गया सहायक शिक्षक

पहली कार्रवाई रायगढ़ जिले के छाल तहसील कार्यालय में की गई। एसीबी को ग्राम धसका मुड़ा निवासी भानुप्रताप पटेल ने शिकायत दी थी कि उसकी परिचित महिला कंचन बाई की जमीन के रिकॉर्ड में नाम गलत दर्ज हो गया था। कंचन बाई ने जमीन विक्रय प्रक्रिया के लिए नाम सुधार कराने का अधिकार भानुप्रताप पटेल को दिया था। इसके बाद तहसील कार्यालय छाल में नाम सुधार के लिए आवेदन लगाया गया।

शिकायत के अनुसार नाम सुधार आदेश जारी कराने के एवज में तहसील कार्यालय में बाबू के रूप में अटैच तुलाराम पटेल ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था और उसने एसीबी बिलासपुर से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने के बाद एसीबी ने 29 मई को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। कार्रवाई के दौरान आरोपी तुलाराम पटेल को प्रार्थी से पहली किश्त के रूप में 60 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

एसीबी के अनुसार आरोपी का मूल पद सहायक शिक्षक का है, लेकिन वह वर्तमान में तहसील छाल कार्यालय में बाबू के रूप में अटैच था। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

कोरबा में जीपीएफ एंट्री के बदले मांगी थी रिश्वत

दूसरी कार्रवाई कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में की गई। शिकायतकर्ता अमृत लाल बघेल ने एसीबी को बताया था कि वह प्राथमिक शाला रोगदा, ब्लॉक करतला में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ हैं और मई 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

उन्होंने बताया कि पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र में पदस्थापना अवधि के दौरान जीपीएफ कटौती राशि की एंट्री पासबुक में कराने के लिए उन्होंने अपना पासबुक कार्यालय के बाबू प्रदीप मिश्रा के पास जमा किया था। बाद में जानकारी लेने पहुंचने पर बाबू प्रदीप मिश्रा ने जीपीएफ पासबुक में एंट्री करने के एवज में 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।

शिकायत सत्यापन के बाद एसीबी ने गुरुवार को ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

एसीबी अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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