
रायपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच आज एक बड़ा घटनाक्रम सामने आने जा रहा है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी है कि 108 माओवादी आज जगदलपुर में सरकार के सामने हथियारों सहित आत्मसमर्पण करेंगे। गृहमंत्री विजय शर्मा ने सदन में बताया कि सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान माओवादियों से 3 करोड़ 61 लाख रुपये नकद और करीब 1 किलो सोना भी जब्त किया गया है।
छत्तीसगढ़ में बड़ा नक्सल सरेंडर
मिली जानकारी के मुताबिक दक्षिण बस्तर डिविजनल कमेटी (DKSZC) के 108 नक्सली कैडर आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं। यह सरेंडर कार्यक्रम पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम जगदलपुर के लालबाग स्थित शौर्य भवन में दोपहर करीब 2 बजे होगा, जहां नक्सली औपचारिक रूप से हथियार डालेंगे। बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से बस्तर के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थे। लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
108 नक्सली हथियारों के साथ करेंगे आत्मसमर्पण
सरेंडर कार्यक्रम में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। आत्मसमर्पण के बाद इन नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सहायता और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। प्रशासन का कहना है कि जो भी नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहयोग दिया जाएगा। वहीं एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों के सरेंडर को सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
नक्सलवाद के अंत का दावा
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को कहा कि राज्य के बस्तर क्षेत्र में तैनात अधिकांश केंद्रीय बलों को 31 मार्च 2027 तक वापस बुला लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 की समय सीमा तय की गई है। र्मा ने विधानसभा में अपने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा, “मैं सदन को यह भी बताना चाहता हूं कि जब 31 मार्च 2026 को सशस्त्र नक्सलवाद के समापन की तिथि तय की गई, तब यह भी निर्णय लिया गया था कि 31 मार्च 2027 तक यहां तैनात केंद्रीय बलों की वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। कुछ बल उससे पहले भी वापस जा सकते हैं। बैठकों में इस बात पर सहमति बनी है कि 31 मार्च 2027 को हम एक निश्चित समय सीमा मानकर चलें, हालांकि इसमें थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।” उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पुलिस विभाग के मुख्य बजट में कुल 7,721.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


