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चुनावी जीत के बाद जनता को महंगाई का ‘रिटर्न गिफ्ट’ देने की तैयारी में मोदी सरकार: डॉ. शिवकुमार डहरिया

चुनावी जीत के बाद जनता को महंगाई का ‘रिटर्न गिफ्ट’ देने की तैयारी में मोदी सरकार: डॉ. शिवकुमार डहरिया

आरंग। पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया ‘बचत अपीलों’ और देश भर में हो रही पेट्रोल-डीजल की किल्लत पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डॉ. डहरिया ने इसे सरकार के आर्थिक दिवालियापन का ‘आधिकारिक दस्तावेज’ करार देते हुए कहा कि अपनी विफलताओं का बोझ आम जनता पर डालना बेहद शर्मनाक है।

डॉ. डहरिया ने राहुल गांधी के बयानों का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि पीएम की अपीलें कोई मार्गदर्शन नहीं बल्कि इस बात का सबूत हैं कि देश की अर्थव्यवस्था सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि “जो सरकार ‘अच्छे दिन’ का वादा करके सत्ता में आई थी, वह आज युद्ध और संकट का बहाना बनाकर जनता को बुनियादी जरूरतों—ईंधन, सोना और यात्रा—में कटौती करने का उपदेश दे रही है। यह सीधे तौर पर आम नागरिकों के अधिकारों और उनकी खुशियों पर प्रहार है।”

पेट्रोल पंपों पर तेल की कमी का मुद्दा उठाते हुए डॉ. डहरिया ने एक गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पाँच राज्यों के चुनाव नतीजे आने के बाद अब सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने की तैयारी में है। पूरे देश में ‘स्टॉक की कमी’ का झूठा बहाना बनाकर जनता को परेशान किया जा रहा है। जैसे ही तेल कंपनियां दाम बढ़ा देंगी, पेट्रोल पंपों पर स्टॉक जादुई रूप से वापस आ जाएगा। यह जनता की जेब काटने का सुनियोजित खेल है।

डॉ. डहरिया ने कहा कि अमेरिका – ईरान युद्ध को तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन केंद्र के पास ऊर्जा सुरक्षा के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भागकर जनता को त्याग की बलि चढ़ाना चाहती है। एक तरफ पीएम जनता को विदेश यात्रा न करने और बचत की सलाह दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वे खुद लगातार सरकारी खर्च पर शाही विदेशी दौरों का आनंद लेते रहे है। प्रधानमंत्री मोदी के अपील को उन्हीं के पार्टी के मंत्री, सांसद और विधायक नहीं मान रहे है।यह दोहरा मापदंड निंदनीय है। पूर्व मंत्री ने मांग की है कि प्रधानमंत्री उपदेश देने के बजाय देश के सामने ‘आर्थिक श्वेत पत्र’ रखें और विदेशी मुद्रा भंडार व तेल के वास्तविक स्टॉक की स्थिति स्पष्ट करें।डॉ. शिवकुमार डहरिया ने स्पष्ट लहजे में कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार के इस तानाशाही और विफल आर्थिक मॉडल के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। यदि पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति तुरंत सुचारू नहीं हुई और कीमतों में बढ़ोतरी कर जनता पर बोझ डाला गया, तो सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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