
जानकारी के मुताबिक पुलिस को पिछले कुछ समय से लगातार भिलाई स्टील प्लांट से लोहे की प्लेटें और स्क्रैप चोरी कर बाहर सप्लाई कियेे जाने की शिकायते मिल रही थी। संयंत्र से रोजाना कई ट्रक और हाईवा प्लांट से बाहर निकलते थे। लिहाजा पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों पर नजर रखना शुरू किया और उनका पीछा करते हुए हथखोज स्थित एक गोदाम तक पहुंची। जैसे ही ट्रक गोदाम के अंदर पहुंचे, पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर दी। छावनी सीएसपी प्रशांत कुमार पैकरा और भिलाई-3 थाना पुलिस की टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से दस्तावेज मांगे।
लेकिन जब्त लोहे से संबंधित कोई वैध कागजात पेश नहीं किए जा सके। इसके बाद पुलिस ने पूरे यार्ड और गोदाम की जांच की। जांच में गोदाम से करीब 250 टन संदिग्ध लोहा बरामद किया गया। पुलिस को आशंका है कि यह लोहा भिलाई स्टील प्लांट की एसएमएस-3 यूनिट से चोरी कर यहां खपाया गया था। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि ट्रकों में नीचे पहले भारी मात्रा में लोहा छिपाकर रखा जाता था, फिर उसके उपर फ्लाई ऐश डालकर वाहन को संयंत्र से बाहर निकाल लिया जाता था। पुलिस ने जब दो हाईवा वाहनों की जांच की तो ऊपर फ्लाई ऐश दिखाई दी, लेकिन अंदर टनों के हिसाब से लोहा भरा मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी के इस खेल में कौन-कौन लोग शामिल हैं और लोहा किस तरह प्लांट से बाहर पहुंचाया जा रहा था। वहीं बीएसपी प्रबंधन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए अलग से जांच टीम गठित की है। यह टीम सुरक्षा व्यवस्था, परिवहन प्रक्रिया और इसमें शामिल संदिग्ध लोगों की भूमिका की जांच करेगी। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।



