नई दिल्ली: त्योहारों के सीजन से ठीक पहले केंद्र सरकार ने आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। सरकार ने कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेलों पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (BCD) में भारी कटौती करने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ये नए नियम 24 सितंबर, 2026 से देश भर में लागू हो गए हैं। इसके साथ ही घरेलू उद्योगों को सुरक्षा देने के लिए चीन से आने वाले डेकोर पेपर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की अवधि को भी बढ़ा दिया गया है।
खाद्य तेलों पर कस्टम्स ड्यूटी में कटौती (मुख्य बदलाव)
सरकार ने अधिसूचना संख्या 31/2026-कस्टम्स (23 सितंबर, 2026 को जारी) के तहत खाद्य तेलों के आयात शुल्क में निम्नलिखित संशोधन किए हैं:
- क्रूड (कच्चा) सोयाबीन और पाम तेल: इन पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी को 10% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
- रिफाइंड सोयाबीन और पाम तेल: इन तेलों पर ड्यूटी 32.5% से घटाकर 27.5% कर दी गई है।
- कच्चा सूरजमुखी तेल (Crude Sunflower Oil): इस पर लगने वाली 10% ड्यूटी को पूरी तरह से खत्म (शून्य/Nil) कर दिया गया है।
- रिफाइंड सूरजमुखी तेल: इस पर ड्यूटी को 32.5% से घटाकर 22.5% कर दिया गया है (10% की सीधी कटौती)।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में खाने के तेल की कीमतों में गिरावट आएगी, जिससे आम आदमी की रसोई का बजट सुधरेगा।
चीनी डेकोर पेपर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी बढ़ी
विदेशी आयात से घरेलू बाजार को बचाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। चीन से आयात होने वाले डेकोर पेपर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है।
पहले यह ड्यूटी 26 दिसंबर, 2026 तक लागू रहने वाली थी, लेकिन अब वित्त मंत्रालय ने इसे बढ़ाकर 26 मार्च, 2027 तक जारी रखने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2021 में राजस्व विभाग ने चीन से आने वाले सस्ते डेकोर पेपर पर 110 डॉलर प्रति टन से 542 डॉलर प्रति टन तक की एंटी-डंपिंग ड्यूटी 5 सालों के लिए लगाई थी। इस अवधि को बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य स्थानीय बाजार में पैदा होने वाले अनुचित दबाव को रोकना और देश में रोजगार के अवसरों को सुरक्षित रखना है।



