आरंग / रायपुर। आरंग विधानसभा के ग्राम भैंसा में नवीन पुलिस चौकी एवं 13 पदों की स्वीकृति को लेकर वर्तमान कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब द्वारा किए जा रहे दावों को पूर्व कैबिनेट मंत्री व आरंग के पूर्व विधायक डॉ. शिवकुमार डहरिया ने पूरी तरह भ्रामक, असत्य और जनता को गुमराह करने वाला बताया है। डॉ. डहरिया ने आधिकारिक शासकीय आदेश सार्वजनिक करते हुए भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पोल खोल दी है।
28 जून 2023 का शासकीय आदेश है प्रत्यक्ष प्रमाण
डॉ. शिवकुमार डहरिया ने गृह (पुलिस) विभाग और पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश पत्र (क्रमांक: पुमु/खण्ड-9/योजना/(1611)/2756/2023, दिनांक 28/06/2023) का हवाला देते हुए बताया कि भूपेश बघेल जी के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही वित्तीय वर्ष 2022-23 के मुख्य बजट में ग्राम भैंसा (जिला रायपुर) के लिए नवीन पुलिस चौकी की स्थापना तथा 13 पदों (1 उप निरीक्षक, 1 सहायक उप निरीक्षक, 3 प्रधान आरक्षक, 8 आरक्षक) के सृजन की प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी।
हमारी स्वीकृतियों का श्रेय लेना बंद करें वर्तमान मंत्री: डॉ. डहरिया
पूर्व मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा, “कांग्रेस सरकार और मेरे कार्यकाल के दौरान आरंग विधानसभा के हर वर्ग और हर गांव की सुरक्षा तथा विकास के लिए लगातार काम किए गए थे। भैंसा में पुलिस चौकी की स्वीकृति हमारी सरकार की दूरगामी सोच और जनहितैषी प्राथमिकताओं का परिणाम थी। उस समय अपरिहार्य कारणों व प्रशासनिक व्यवस्था के तहत चौकी का संचालन शुरू नहीं हो सका था, लेकिन पद और स्वीकृति पहले से ही आधिकारिक रूप से जारी हो चुके थे। आज वर्तमान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब हमारी सरकार द्वारा किए गए कार्यों का झूठा श्रेय लेकर जनता के सामने वाहवाही लूटने का निष्फल प्रयास कर रहे हैं।”
जनता सब जानती है, भ्रम फैलाना बंद करे भाजपा
डॉ. डहरिया ने आगे कहा कि भाजपा सरकार के पास अपनी कोई नई उपलब्धि बताने को नहीं है, इसीलिए वे पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के स्वीकृत कार्यों और विकास योजनाओं का नाम बदलकर या उन्हें नया बताकर री-लॉन्च करने में लगे हैं। आरंग विधानसभा क्षेत्र की जनता समझदार है और वह भली-भांति जानती है कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और अधोसंरचना का वास्तविक ढांचा किसने तैयार किया था।
डॉ. डहरिया ने सलाह दी कि वर्तमान जनप्रतिनिधि झूठी बयानबाजी और भ्रामक प्रेस विज्ञप्तियों से बाज आएं और यदि वास्तव में क्षेत्र का विकास करना चाहते हैं तो नई योजनाएं स्वीकृत कराकर धरातल पर लाएं, न कि कांग्रेस शासनकाल के स्वीकृत कार्यों का झूठा ढोल पीटें।






