नई दिल्ली: सुबह की नींद खोलने के लिए एक कप गरमागरम कॉफ़ी कई लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा है। घर-ऑफ़िस का काम हो या दिनभर की थकान, कॉफ़ी कुछ ही मिनटों में शरीर को तरोताजा कर देती है。 स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कॉफ़ी पीने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन इसे कब, कितनी मात्रा में और किस तरह पिया जा रहा है, यह आपके स्वास्थ्य पर अच्छा या बुरा असर डाल सकता है।
अगर आप भी दिन में कई बार कॉफ़ी पीते हैं, तो अपनी इन 7 आम आदतों को आज ही सुधार लें:
1. खाली पेट कॉफ़ी पीना
सुबह उठते ही बिना कुछ खाए सीधे कॉफ़ी पीना कई लोगों की आदत होती है। इससे पेट में जलन, एसिडिटी या बेचैनी की समस्या हो सकती है। अगर आपको ऐसी समस्या होती है, तो कॉफ़ी हमेशा नाश्ते के कम से कम 1 घंटे बाद ही लें।
2. कॉफ़ी में ज़्यादा चीनी डालना
स्वाद बढ़ाने के लिए कॉफ़ी में बार-बार चम्मच भरकर चीनी मिलाना एक ख़तरनाक आदत बन सकता है। ख़ास तौर पर बाज़ार में मिलने वाली फ्लेवर्ड कॉफ़ी, सिरप और मीठी कॉफ़ी ड्रिंक्स में शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो शरीर को नुकसान पहुँचाती है।
3. शाम को देर से कॉफ़ी का सेवन
शाम की थकान मिटाने के लिए कॉफ़ी पीना भले ही आसान लगे, लेकिन इसमें मौजूद कैफीन का असर शरीर में कई घंटों तक रहता है。 अगर आपको रात में सोने में परेशानी (अनिद्रा) होती है, तो शाम के बाद कॉफ़ी पीने से पूरी तरह परहेज़ करें。
4. दिन में बार-बार कॉफ़ी दोहराना
एक कप से शुरू होने वाला यह सिलसिला धीरे-धीरे कई कप तक पहुँच जाता है। शरीर में कैफीन की अत्यधिक मात्रा बढ़ने से घबराहट, बेचैनी, दिल की धड़कन तेज़ होना और नींद न आने जैसी गंभीर समस्याएँ खड़ी हो सकती हैं。
5. कॉफ़ी के साथ मीठे स्नैक्स खाना
कॉफ़ी के हर कप के साथ बिस्किट, कुकीज़ या केक खाने की आदत कैलोरी और शुगर के सेवन को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा देती है। कभी-कभार स्नैक लेना अलग बात है, लेकिन इसे रोज़ की आदत न बनाएँ।
6. पानी पीने की मात्रा कम कर देना
दिनभर कॉफ़ी, चाय या अन्य कैफीनयुक्त ड्रिंक्स लेने वाले लोग अक्सर पानी पीना कम कर देते हैं। याद रखें कि कॉफ़ी कभी भी सादे पानी का विकल्प नहीं हो सकती। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना बेहद ज़रूरी है।
7. नींद पूरी न होने पर कॉफ़ी का सहारा लेना
रात की अधूरी नींद के बाद सुबह की कॉफ़ी आपको कुछ समय के लिए अलर्ट तो कर सकती है, लेकिन यह नींद की कमी का इलाज नहीं है। अगर आप लगातार थकान महसूस करते हैं, तो कॉफ़ी बढ़ाने के बजाय अपनी नींद की गुणवत्ता (Sleep Quality) पर ध्यान दें.
कॉफ़ी पीने का सही तरीका क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, सेहतमंद रहने के लिए कॉफ़ी को पूरी तरह छोड़ने की ज़रूरत नहीं है। बस आपको अपनी कुल कैफीन की मात्रा और सोने के समय का तालमेल बिठाना होगा। यदि आपको बार-बार एसिडिटी या बेचैनी होती है, तो हैवी मिल्क और शुगर वाली कॉफ़ी के बजाय ब्लैक कॉफ़ी को प्राथमिकता दें।



