महासमुंद, 9 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है. ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत मुस्तैद पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे-53 पर घेराबंदी कर करोड़ों रुपये मूल्य की गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है. पुलिस ने गांजे के साथ तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा ट्रक और मोबाइल फोन समेत कुल 2 करोड़ 95 लाख 8 हजार रुपये की संपत्ति भी कुर्क की है.
कैरेट के नीचे छिपाई थी 16 बोरियां
पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि ओडिशा की तरफ से एक आईशर माजदा ट्रक (MH 18 BG 7546) में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करने वाला है.
सूचना मिलते ही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने रेहटीखोल चेक पोस्ट पर नाकेबंदी कर दी. जैसे ही संदिग्ध वाहन पहुंचा, उसे रोककर तलाशी ली गई. शातिर तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए गाड़ी के डाले में प्लास्टिक कैरेट के नीचे 16 बोरियों में गांजा छिपा रखा था. प्रत्येक बोरी में करीब 35-35 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था.
ओडिशा से महाराष्ट्र खपाने की थी तैयारी
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इस गांजे की खेप को ओडिशा के बरहमपुर से लोड कर महाराष्ट्र के जलगांव ले जा रहे थे, जहां इसे स्थानीय बाजार में खपाया जाना था. गिरफ्तार किए गए दोनों तस्कर महाराष्ट्र के ही निवासी हैं.
कुल 2.95 करोड़ से अधिक की जब्ती
महासमुंद पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में निम्नलिखित चीजें जब्त की गई हैं:
- मादक पदार्थ: 560 किलोग्राम अवैध गांजा (कीमत लगभग ₹2,80,00,000)
- वाहन: तस्करी में प्रयुक्त आईशर माजदा ट्रक
- अन्य: तस्करों के पास से मिले 2 मोबाइल फोन
- कुल जब्ती मूल्य: ₹2,95,08,000
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है. फिलहाल पुलिस इस रैकेट के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है ताकि ओडिशा से लेकर महाराष्ट्र तक फैले इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके.



