Homeछत्तीसगढछत्तीसगढ़ में साय कैबिनेट की बड़ी बैठक 11 अक्टूबर को: DA बढ़ोतरी,...

छत्तीसगढ़ में साय कैबिनेट की बड़ी बैठक 11 अक्टूबर को: DA बढ़ोतरी, सरकारी भर्तियों और CGPSC अध्यक्ष के नाम पर लग सकती है मुहर

रायपुर: त्योहारों के इस सीजन में छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार एक बेहद महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक (Sai Cabinet Meeting) करने जा रही है। 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्रि के महापर्व के बीच यह बैठक 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास (CM House) में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में राज्य हित और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई बड़े फैसलों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को DA बढ़ोतरी की उम्मीद

मीडिया सूत्रों और कयासों के मुताबिक, इस बैठक में प्रदेश भर के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में बड़ा फैसला आ सकता है। दिवाली और नवरात्रि के तोहफे के रूप में सरकार महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे सकती है। हालांकि, इस पर अंतिम और आधिकारिक मुहर कैबिनेट की बैठक के बाद ही लगेगी।

विभागीय भर्ती परीक्षाओं और CGPSC पर होगा निर्णय

इस बैठक का एजेंडा केवल भत्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी:

  • भर्ती परीक्षाएं: राज्य की विभिन्न विभागीय भर्ती परीक्षाओं के आयोजन और उनके नियमों को लेकर कैबिनेट में निर्णय लिए जा सकते हैं।
  • CGPSC अध्यक्ष की नियुक्ति: लंबे समय से प्रतीक्षित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के नए अध्यक्ष के नाम पर भी इस बैठक में मुहर लग सकती है।
  • सिंगापुर निवेश प्रस्ताव: हाल ही में मुख्यमंत्री और राज्य के प्रतिनिधिमंडल के सिंगापुर प्रवास के दौरान मिले विभिन्न निवेश प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिल सके।

पिछली बैठक (30 सितंबर) में लिया गया था यह बड़ा फैसला

इससे पहले साय कैबिनेट की बैठक पिछले महीने के अंत में यानी 30 सितंबर को बुलाई गई थी, जिसमें शिक्षा जगत से जुड़ा एक बड़ा निर्णय लिया गया था:

  • अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में संशोधन: कैबिनेट ने शासकीय महाविद्यालयों के लिए संशोधित ‘अतिथि व्याख्याता नीति-2026’ को मंजूरी दी थी। इसके तहत मेरिट सूची में समान अंक होने पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है।
  • इसके साथ ही, शासकीय महाविद्यालयों और राजकीय विश्वविद्यालयों में एक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 5 महीने पढ़ाने के अनुभव पर 5 अंक (अधिकतम 30 अंकों के भीतर) देने की व्यवस्था को और स्पष्ट किया गया है, जो पहले की नीति में साफ नहीं था।

11 अक्टूबर को होने वाली इस बैठक पर अब पूरे प्रदेश के कर्मचारियों, युवाओं और आम जनता की नजरें टिकी हुई हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments