रायपुर। त्योहारों के सीजन में मिलावटखोरों और लापरवाही बरतने वाले दुकानदारों के खिलाफ रायपुर खाद्य विभाग ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने राजधानी के चार नामचीन प्रतिष्ठानों पर अचानक छापा मारा, जहाँ भारी गंदगी और खाद्य पदार्थों के रख-रखाव में गंभीर लापरवाही पाई गई। प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए करीब 150 किलो मिठाई और 10 किलो पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया।
विभागीय अधिकारियों ने इस घोर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए चारों प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिए हैं। साथ ही, इन सभी दुकानों को कम से कम तीन दिनों तक पूरी तरह से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इन चार जगहों पर गिरी गाज:
खाद्य विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में टीम ने रायपुर के प्रमुख व्यावसायिक और व्यस्त इलाकों में यह जांच की। कार्रवाई की जद में आने वाले संस्थान इस प्रकार हैं:
- तेलीबांधा स्थित न्यू जनता स्वीट्स
- तेलीबांधा स्थित मां अंबे स्वीट्स
- तेलीबांधा स्थित स्वीट हट एंड बेकरी
- पचपेड़ी नाका स्थित रायपुर ढाबा
लैब रिपोर्ट के बाद होगी अदालती कार्रवाई:
निरीक्षण के दौरान सिर्फ सामान नष्ट ही नहीं किया गया, बल्कि टीम ने खोवा, कुंदा, पनीर, बूंदी, बेसन के लड्डू, कलाकंद और छेने की मिठाइयों के सैंपल भी कलेक्ट किए हैं। इन सभी नमूनों को सरकारी प्रयोगशाला (Lab) भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि लैब की रिपोर्ट में मिलावट या मानकों में कमी पाई जाती है, तो इन कारोबारियों के खिलाफ न्यायालयीन (कानूनी) कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगा हंटर:
त्योहारों के बीच जनता की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिले, इसके लिए आने वाले दिनों में यह औचक निरीक्षण अभियान और तेज किया जाएगा।



