ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सातउं गांव स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर रोड पर धान से भरा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसने दर्शन के लिए पैदल जा रहे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 से अधिक लोग घायल हैं। घायलों में ड्यूटी पर तैनात दो होमगार्ड जवान भी शामिल हैं।
रात 1:30 बजे पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर घुसा ट्रक
यह हादसा चीनौर-नयागांव हाईवे पर रात करीब 1:30 से 1:40 बजे के बीच हुआ। चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, चीनौर की तरफ से आ रहा धान से लदा ट्रक ढलान पर बेकाबू हो गया। इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी, लेकिन ट्रक पुलिस चेकपोस्ट और बैरिकेड्स को तोड़ता हुआ तेजी से नीचे आया। इसके बाद सड़क किनारे चल रहे श्रद्धालुओं को रौंदते हुए ट्रक मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और घायलों को तुरंत ट्रॉमा सेंटर व अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस भीषण हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सरकार ने मृतकों के परिवारों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है:
- मृतकों के परिजनों को: 4-4 लाख रुपये
- गंभीर रूप से घायलों को: 2-2 लाख रुपये
- अन्य घायलों को: 50-50 हजार रुपये
- निशुल्क इलाज: सरकार सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी।
आक्रोशित लोगों ने लगाया जाम
नवरात्रि की सप्तमी/अष्टमी के अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी गुस्सा फैल गया। लोगों ने भारी वाहनों की तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और इस वीआईपी मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह से रोका जाए। फिलहाल, कलेक्टर और एसएसपी सहित वरिष्ठ अधिकारी स्थिति को संभालने और जांच में जुटे है।



