राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पहुंच चुके हैं। उनके आगमन को देखते हुए रेलवे स्टेशन और कोनी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है। रेलवे स्टेशन पर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ जिला कलेक्टर और एसएसपी (SSP) ने उनका स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि इस बार संघ का वार्षिक प्रांत प्रवास रायपुर के बजाय बिलासपुर में आयोजित हो रहा है।
🚫 आंतरिक बैठकों से भाजपा और बाहरी संगठन रहेंगे दूर
23 अक्टूबर को होने वाली संघ की बैठकें पूरी तरह से आंतरिक और गोपनीय होंगी। इन बैठकों में केवल छत्तीसगढ़ के प्रांत और विभाग स्तर के पदाधिकारी ही हिस्सा लेंगे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और संघ के अन्य सहयोगी (आनुषंगिक) संगठनों के प्रतिनिधियों को इस बैठक से पूरी तरह दूर रखा गया है। इस दौरान संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की प्रगति, स्थानीय इकाइयों के कामकाज और आगामी रणनीतियों की समीक्षा की जाएगी।
🗺️ दो इकाइयों में बंट सकता है छत्तीसगढ़; प्रशासनिक फेरबदल की संभावना
डॉ. मोहन भागवत के इस दौरे के बीच छत्तीसगढ़ में संघ के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव (पुनर्गठन) की चर्चाएं गर्म हैं। नए प्रस्ताव के अनुसार, राज्य को दो मुख्य प्रशासनिक इकाइयों में विभाजित किया जा सकता है:
- बिलासपुर-सरगुजा इकाई: बिलासपुर और सरगुजा संभाग को मिलाकर एक इकाई बनेगी।
- रायपुर-दुर्ग-बस्तर इकाई: रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग को मिलाकर दूसरी इकाई बनाई जा सकती है।
वर्तमान व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ में 11 विभाग हैं। यदि इस नए प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो छह विभाग रायपुर के और पांच विभाग बिलासपुर के अधीन आ जाएंगे। हालांकि, इस संगठनात्मक बदलाव पर अभी तक संघ की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।



