बिलासपुर, 2 नवंबर 2026: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित संजू त्रिपाठी हत्याकांड में अदालत का फैसला आने के बाद अब एक नया सियासी और कानूनी मोड़ आ गया है। कोर्ट द्वारा मामले के सभी 22 आरोपियों को दोषमुक्त किए जाने के बाद, मृतक संजू त्रिपाठी की पत्नी किरण त्रिपाठी ने पुलिस की जांच प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
किरण त्रिपाठी का कहना है कि जिला न्यायालय में पुलिस ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रही, जिसके कारण उन्हें न्याय नहीं मिल सका। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही और कथित तौर पर जांच में अहम तथ्यों को छिपाने की वजह से ही सभी आरोपी बरी हुए हैं।
मिलीभगत के आरोप और सुरक्षा की चिंता
पीड़ित पत्नी ने स्थानीय पुलिस और आरोपियों के बीच साठगांठ होने का भी अंदेशा जताया है। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी और अपने बच्चों की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। किरण त्रिपाठी के अनुसार, आरोपियों के बाहर आने के बाद उनका परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है। हालांकि, पुलिस-आरोपी मिलीभगत और जान के खतरे से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि 14 दिसंबर 2022 को बिलासपुर के सकरी बाईपास पर कांग्रेस नेता और हिस्ट्रीशीटर संजू त्रिपाठी की दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में पुलिस ने संजू के भाई कपिल त्रिपाठी और पिता समेत कुल 22 लोगों को आरोपी बनाया था। लगभग 4 साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद, अदालत ने सबूतों के अभाव और चश्मदीद गवाहों के मुकर जाने के कारण मुख्य आरोपी समेत सभी 22 आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच के तरीकों पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।



