जगदलपुर: छत्तीसगढ़ में आगामी 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत होने जा रही है, जो 15 जनवरी 2027 तक चलेगी। खरीदी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने ‘तुंहर टोकन’ (Tuhar Token) मोबाइल ऐप में कई महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी कृषि भूमि के रकबे के आधार पर टोकन जारी किए जाएंगे।
रकबे के अनुसार तय हुई टोकन की संख्या
नए नियमों के मुताबिक, किसानों को उनकी जमीन के आकार के हिसाब से धान बेचने के अवसर मिलेंगे:
- सीमांत किसान (2 एकड़ से कम): इन्हें केवल 1 टोकन मिलेगा। इन्हें अपनी पूरी उपज एक ही बार में खरीदी केंद्र लानी होगी।
- लघु किसान (2 से 10 एकड़ तक): इन्हें 2 टोकन की सुविधा मिलेगी, जिससे वे 50-50 प्रतिशत के अनुपात में दो बार में धान बेच सकेंगे।
- बड़े किसान (10 एकड़ से अधिक): इन्हें अधिकतम 3 टोकन दिए जाएंगे। इसके तहत वे क्रमशः 34%, 33% और 33% के अनुपात में तीन किस्तों में अपनी उपज बेच सकेंगे।
एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य और टोकन कटने का समय
- पंजीयन: ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने के लिए किसानों का ‘एग्रीस्टैक’ (AgriStack) में पंजीयन होना अनिवार्य कर दिया गया है।
- समय और दिन: किसान रविवार से शुक्रवार तक सुबह 9:30 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच ऐप के माध्यम से टोकन काट सकेंगे। इसके जरिए आगामी 30 दिनों तक के लिए अग्रिम (एडवांस) टोकन बुक करने की सुविधा दी गई है।
- ऑनलाइन और ऑफलाइन अनुपात: कुल धान खरीदी के लिए 70 प्रतिशत टोकन मोबाइल ऐप के जरिए जारी होंगे, जबकि शेष 30 प्रतिशत टोकन उपार्जन समितियों के स्तर पर किसानों की सहमति से ऑफलाइन काटे जाएंगे।
प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए ऐप पर दिए गए दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर ही अपना टोकन बुक करें।



