नई दिल्ली / रायपुर: देशभर में आज, रविवार 8 नवंबर को प्रकाश और समृद्धि का महापर्व दिवाली हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर धन की देवी मां लक्ष्मी और विघ्नहर्ता भगवान गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है।
पूजन का शुभ मुहूर्त और तिथि
- अमावस्या तिथि: कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे से शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी।
- रायपुर (छत्तीसगढ़): दृक पंचांग के अनुसार, छत्तीसगढ़ की राजधानी में लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:49 बजे से शुरू होगा। प्रदेश के अन्य शहरों में स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा बदलाव हो सकता है।
- दिल्ली: राजधानी दिल्ली में पूजन का शुभ समय शाम 5:54 बजे से आरंभ होगा।
प्रदोष काल में पूजन का महत्व
- सूर्यास्त के ठीक बाद के शुरुआती समय को ‘प्रदोष काल’ कहा जाता है।
- शास्त्रों और पंचांग के अनुसार, प्रदोष काल में पड़ने वाला वृषभ लग्न मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए सबसे शुभ और फलदायी माना जाता है।
घर पर ऐसे करें लक्ष्मी-गणेश पूजा
- स्थापना: सबसे पहले पूजा की चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित करें।
- अर्पण: शुद्ध घी या तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद रोली, अक्षत, ताजे फूल, मौसमी फल और मिठाई अर्पित करें।
- विशेष भोग: मां लक्ष्मी को कमल का फूल और भगवान गणेश को उनके प्रिय मोदक या लड्डू चढ़ाएं।
- मंत्र जाप: पूजा के दौरान मां लक्ष्मी के मंत्र “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” और भगवान गणेश के मंत्र “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करें।
- आरती: अंत में पूरे परिवार के साथ मिलकर आरती करें और सुख-शांति व समृद्धि की कामना करें।



