नई दिल्ली/रायपुर: भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की टाउनशिप में रहने वाले हजारों परिवारों की लंबे समय से चली आ रही आवास किराए की बड़ी समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशीलता और पहल पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद, बीएसपी प्रबंधन ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके तहत रिटेंशन स्कीम और थर्ड पार्टी दोनों श्रेणियों के आवासों का किराया घटाकर अब एकसमान 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह कर दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण फैसले से टाउनशिप के करीब 4,000 आवासधारियों, विशेष रूप से सीमित पेंशन पर गुजारा कर रहे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बहुत बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। इसी सिलसिले में आज रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भिलाई स्टील प्लांट के सेवानिवृत्त कार्मिक कल्याण संघ और थर्ड पार्टी कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री साय से सौजन्य मुलाकात कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, विधायक श्री ललित चंद्राकर एवं श्री रिकेश सेन सहित दुर्ग-भिलाई के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
किराए में भारी कटौती: समझिए कैसे मिलेगी राहत
बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग द्वारा 2 नवंबर 2026 को जारी संशोधित आदेश के अनुसार, किराए की नई दरें इस प्रकार प्रभावी होंगी:
- रिटेंशन श्रेणी में 75% की भारी छूट: इस स्कीम के तहत पहले प्रति वर्गफीट मासिक किराया 24 रुपए था, जिसे अब घटाकर 6 रुपए कर दिया गया है। उदाहरण के लिए, यदि किसी आवास का क्षेत्रफल 500 वर्गफीट है, तो पहले उसके लिए हर महीने 12 हजार रुपए किराया देना पड़ता था, जो अब केवल 3 हजार रुपए रह जाएगा। इससे हर परिवार को महीने में 9 हजार रुपए और सालभर में 1 लाख 8 हजार रुपए की सीधी बचत होगी।
- थर्ड पार्टी श्रेणी में 25% की राहत: इस श्रेणी में पहले किराया 8 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह था, जिसे अब 6 रुपए कर दिया गया है। इस निर्णय से दोनों ही प्रमुख श्रेणियों के आवासों के किराए में एकरूपता (समानता) आ गई है।
3,946 परिवारों को सीधा फायदा, पूर्व अवधि के किराए का भी होगा समायोजन
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस संशोधित व्यवस्था से कुल 3,946 आवासधारियों को लाभ मिलेगा, जिनमें रिटेंशन श्रेणी के 1,158 और थर्ड पार्टी श्रेणी के 2,788 आवास शामिल हैं।
इस फैसले की सबसे बड़ी खूबी यह है कि बीएसपी प्रबंधन ने संशोधित दरों को पूर्व प्रभाव से लागू करने की व्यवस्था की है। यानी पुरानी अवधि के किराए की नए सिरे से पुनर्गणना की जाएगी। जिन आवासधारियों ने पहले ही बढ़ी हुई दरों पर अधिक किराया जमा कर दिया है, उनकी अतिरिक्त राशि को आगामी महीनों के किराए में समायोजित (adjust) किया जाएगा। विभागीय निर्देशों के आधार पर जल्द ही इसकी प्रक्रिया स्पष्ट की जाएगी। यह संशोधित किराया व्यवस्था आगामी आदेश जारी होने तक अंतरिम राहत के रूप में प्रभावी रहेगी। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल से भिलाई टाउनशिप के उन बुजुर्ग कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन संयंत्र के विकास में समर्पित कर दिया था।



