रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के प्रश्नकाल के दौरान विधायक ललित चंद्राकर ने वर्ष 2024 से 2026 के बीच अंजोरा स्थित दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में तकनीकी उपकरणों की खरीद के मामले में अनियमितता की आशंका जताते हुए सरकार से जवाब मांगा।
विधायक ने यह भी पूछा कि विश्वविद्यालय में खरीदे गए तकनीकी उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में क्या तकनीकी विशेषज्ञों को क्रय समिति में शामिल किया गया था और क्या सभी खरीद नियमानुसार की गई थीं।
इस पर जवाब देते हुए पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि वर्ष 2024 से 25 जून 2026 तक विश्वविद्यालय द्वारा कुल 9 तकनीकी उपकरणों की खरीद की गई है।
इनमें GeM पोर्टल तथा कोटेशन प्रक्रिया के माध्यम से खरीदारी की गई।
मंत्री ने सदन को बताया कि उपकरण खरीद समिति में डेयरी विभाग के दो तकनीकी विशेषज्ञों को सदस्य बनाया गया था और उनकी उपस्थिति में ही खरीद प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में उपकरणों की खरीद निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप की गई है।
हालांकि विपक्ष ने खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और तकनीकी मानकों को लेकर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने दावा किया कि खरीद में सभी आवश्यक नियमों का पालन किया गया है। विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच चर्चा भी हुई।



