बिलासपुर, 4 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि बाजारों में केवल छोटे दुकानदारों या प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वाले आम लोगों पर कार्रवाई करना और जुर्माने का आंकड़ा दिखाना अब पर्याप्त नहीं माना जाएगा।
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से सीधे और तीखे सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है कि प्रदेश में इस प्रतिबंधित प्लास्टिक का निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) कहां हो रहा है? इसका परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) और आपूर्ति (सप्लाई) कौन कर रहा है? इसके साथ ही अदालत ने यह भी पूछा है कि इस पूरे अवैध नेटवर्क के मुख्य स्रोतों (सोर्स) को पूरी तरह से बंद करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
अदालत की इस सख्ती से साफ है कि अब प्लास्टिक बैन को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन को केवल खुदरा स्तर पर नहीं, बल्कि इसके बड़े निर्माताओं और सप्लायर्स पर नकेल कसनी होगी।



