नई दिल्ली: दिवाली का त्योहार नज़दीक आते ही घरों में साफ-सफाई, सजावट और रंगाई-पुताई (पेंट) का काम ज़ोर-शोर से शुरू हो जाता है। आज के समय में लोग घर को सिर्फ खूबसूरत ही नहीं बनाना चाहते, बल्कि सुख-समृद्धि के लिए वास्तु नियमों का भी खास ख्याल रखते हैं। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, दीवारों के सही रंग घर में सकारात्मक ऊर्जा (पॉजिटिविटी) लाते हैं। अगर आप भी इस दिवाली अपने घर को एक नया और भाग्यशाली लुक देना चाहते हैं, तो दिशाओं और कमरों के हिसाब से रंगों का चयन करें।
1. दिशाओं के अनुसार चुनें दीवारों के रंग
- उत्तर दिशा (धन और समृद्धि की दिशा): वास्तु में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर से जोड़ा जाता है। इस दिशा की दीवारों पर हल्का हरा और हल्का नीला रंग करवाना सबसे शुभ होता है। यह घर को ताजगी भरा और खुला-खुला लुक देता है।
- पूर्व दिशा (नई शुरुआत की दिशा): सूर्य देव की इस दिशा को नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यहाँ सफेद, क्रीम या हल्का हरा रंग करवाना चाहिए। यह प्राकृतिक रोशनी के साथ मिलकर घर में पॉजिटिविटी बढ़ाता है।
- दक्षिण दिशा (शांति और सुकून): इस दिशा के लिए हल्का गुलाबी, पीच या हल्का लाल रंग सबसे बेहतर है। हल्का गुलाबी रंग मानसिक शांति देता है और तनाव कम कर अच्छी नींद लाने में मदद करता है। (नोट: यदि गहरे रंग पसंद हों, तो उन्हें पूरी दीवार के बजाय सिर्फ एक हिस्से/हाईलाइटर वॉल पर ही लगाएं)।
- पश्चिम दिशा (संतुलन और सादगी): यहाँ की दीवारों के लिए क्रीम, सफेद या हल्का पीला रंग चुनें। यह रंग हर तरह के फर्नीचर के साथ आसानी से मैच हो जाता है।
⚠️ विशेष सावधानी: घर की दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) दिशा में पीला रंग करवाने से बचें। वास्तु के अनुसार, इस कोने में पीला रंग कराने से घर के मुखिया को स्वास्थ्य समस्याएं, पेट के रोग या तरक्की में रुकावटें आ सकती हैं।
2. कमरों के हिसाब से कैसा हो रंगों का चयन?
घर को सुंदर और वास्तु सम्मत बनाने के लिए हर कमरे की उपयोगिता के अनुसार रंग चुनना चाहिए:
- लिविंग रूम (बैठक): मेहमानों और परिवार के बैठने की इस जगह पर क्रीम, बेज या हल्का पीला रंग करवाएं, जो एक आरामदायक माहौल बनाता है। यदि कमरे में अच्छी धूप आती है, तो हल्का हरा या हल्का ग्रे भी शानदार विकल्प हैं।
- बेडरूम (शयनकक्ष): आँखों और दिमाग को सुकून देने के लिए यहाँ हल्का नीला, लैवेंडर, क्रीम या हल्का हरा रंग चुनें। छोटे बेडरूम में बहुत ज्यादा चमकीले या गहरे रंगों से बचना चाहिए।
- किचन (रसोईघर): रसोई को साफ-सुथरा और ऊर्जावान लुक देने के लिए हल्का पीला, सफेद या हल्का हरा रंग सबसे अच्छा है। ध्यान रखें कि यहाँ ऐसा पेंट इस्तेमाल करें जिसे साफ करना आसान हो।
- पूजा घर (मंदिर): भगवान के स्थान को शांत और पवित्र बनाए रखने के लिए सफेद, हल्का पीला और क्रीम जैसे सात्विक रंगों का ही प्रयोग करें।
- बच्चों का कमरा: बच्चों की पढ़ाई और आराम में संतुलन बनाए रखने के लिए उनके कमरे में हल्का हरा, आसमानी, पीच या क्रीम जैसे सौम्य रंग करवाएं। बहुत ज्यादा भड़कीले रंगों से बचें।
- मुख्य द्वार (एंट्रेंस): घर का मुख्य दरवाजा सबसे पहले नजर आता है। यहाँ क्रीम, हल्का पीला या सफेद रंग का प्रयोग करें।
❌ भूलकर भी न करें यह गलती: मुख्य द्वार पर काला या बहुत गहरा ग्रे रंग कभी न लगाएं, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।
क्विक टिप:
इस दिवाली रंगों का चुनाव करते समय वास्तु के साथ-साथ कमरे के आकार, अपनी पसंद और वहाँ आने वाली प्राकृतिक रोशनी (धूप) का भी तालमेल जरूर बिठाएं।



