नई दिल्ली / रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय ‘भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो-2026’ के दौरान छत्तीसगढ़ के प्रदर्शनी स्टॉल (पवेलियन) पर एक विशेष पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा नीति, निवेश संभावनाओं और हरित ऊर्जा विकास के विजन पर केंद्रित है।
पुस्तक में क्या है खास?
इस आधिकारिक पुस्तक में छत्तीसगढ़ की रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी (नवीकरणीय ऊर्जा नीति) को विस्तार से रेखांकित किया गया है। इसके साथ ही:
- ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के अवसरों और वैश्विक संभावनाओं को दर्शाया गया है।
- ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की आगामी और वर्तमान योजनाओं का ब्यौरा है।
- स्वच्छ एवं सतत (सस्टेनेबल) ऊर्जा विकास के रोडमैप को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।
छत्तीसगढ़ बनेगा स्वच्छ ऊर्जा का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री साय
विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और नवाचार (इन्नोवेशन) के नए अवसरों के साथ तेजी से आगे कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने सरकार का संकल्प दोहराते हुए कहा, “राज्य सरकार का लक्ष्य न केवल हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करना है, बल्कि छत्तीसगढ़ को देश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और बड़े निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।” मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह पुस्तक देश-विदेश के निवेशकों और ऊर्जा क्षेत्र के हितधारकों (Stakeholders) को छत्तीसगढ़ की नीतियों व उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों से परिचित कराने में एक सेतु का काम करेगी।
शीर्ष अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
भारत मंडपम में आयोजित छत्तीसगढ़ पवेलियन के इस उद्घाटन और पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कई गणमान्य नागरिक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर क्रेडा (CREDA) के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह समेत ऊर्जा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
यह वैश्विक समिट 2 से 5 नवंबर 2026 तक चलेगी, जहां छत्तीसगढ़ अपने मजबूत रिन्यूएबल एनर्जी विजन को दुनिया के सामने प्रदर्शित कर रहा है।




