Homeछत्तीसगढदशहरा 2026: आज मनाया जा रहा है विजयादशमी का पर्व, जानिए प्रदोष...

दशहरा 2026: आज मनाया जा रहा है विजयादशमी का पर्व, जानिए प्रदोष काल में ही क्यों होता है रावण दहन और क्या है शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली/देशभर: आज यानी मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में उत्साह के साथ दशहरा विजयदशमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। यह त्योहार अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध किया था। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में भव्य रामलीलाओं के आयोजन के बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है।

प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में ही क्यों होता है रावण दहन?

हिंदू धार्मिक परंपराओं में रावण दहन के लिए सूर्यास्त के आसपास के समय यानी प्रदोष काल को विशेष महत्व दिया जाता है। इसके पीछे गहरे धार्मिक और प्रतीकात्मक कारण जुड़े हैं:

  1. अंधकार और बुराई का अंत: सूर्यास्त का समय दिन (प्रकाश) और रात (अंधकार) के मिलन का होता है। रावण को तमोगुण (अंधकार और बुराई) का प्रतीक माना जाता है। जैसे ही सूर्य अस्त होता है और अंधकार बढ़ता है, वैसे ही बुराई के प्रतीक रावण के पुतले को जलाकर यह संदेश दिया जाता है कि ज्ञान और धर्म के प्रकाश के सामने अज्ञान का अंधकार टिक नहीं सकता।
  2. राक्षसी शक्तियों का कमजोर होना: शास्त्रों के अनुसार, सूर्यास्त के समय आसुरी या राक्षसी शक्तियां अधिक प्रबल होने लगती हैं। रावण दहन इसी समय करके यह दिखाया जाता है कि धर्म की शक्ति इन आसुरी ताकतों को पनपने से पहले ही नष्ट कर देती है।
  3. धार्मिक मान्यता: पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण का वध भी संध्या काल के समय ही किया था, इसलिए परंपरा के तौर पर इसी समय को दहन के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।

तारीखों को लेकर असमंजस और पंचांग गणना

इस साल विजयादशमी की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ा असमंजस देखा गया। ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर शुरू हो रही है, जो अगले दिन यानी 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी।

चूंकि रावण दहन के लिए प्रदोष काल (शाम का समय) अनिवार्य माना जाता है, इसलिए उत्तर भारत और देश के अधिकांश हिस्सों में दशहरा आज यानी 20 अक्टूबर को ही मनाया जा रहा है। वहीं, उदया तिथि और स्थानीय परंपराओं के कारण पश्चिम बंगाल में बिजोया दशमी कल यानी 21 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

रावण दहन और पूजा के शुभ मुहूर्त

आज विजयादशमी के दिन पूजा और पुतला दहन के लिए निम्नलिखित शुभ मुहूर्त बताए गए हैं:

  • अपराह्न पूजा का समय: दोपहर 01:14 से दोपहर 03:30 तक।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:59 से दोपहर 02:45 तक।
  • रावण दहन का समय (प्रदोष काल): शाम 05:47 से रात 08:21 के बीच पुतला दहन करना सबसे शुभ रहेगा।

(नोट: सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग-अलग शहरों में रावण दहन और पूजा के सटीक समय में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय रामलीला समितियों की समय-सारणी का पालन करना उचित है)।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments