आरंग। पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ, लिलेश चंद्राकर ने प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जाने तथा बिजली दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, छोटे व्यापारियों, मजदूरों तथा मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बिजली अब एक आवश्यक सेवा होने के बावजूद लगातार महंगी होती जा रही है। इससे आम नागरिकों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
लिलेश चंद्राकर ने कहा कि स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में अनेक शिकायतें और आशंकाएँ हैं। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि पहले की तुलना में बिजली बिल अधिक आ रहे हैं, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है। सरकार को चाहिए कि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराए तथा उपभोक्ताओं का विश्वास बहाल करे।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए, स्मार्ट मीटर व्यवस्था की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था लागू की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जनता की समस्याओं की अनदेखी करती रही, तो आम जनता, किसानों एवं सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।




