बिलासपुर। वन विभाग की राज्य उड़नदस्ता टीम और बिलासपुर वन परिक्षेत्र ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जरहाभाठा स्थित एक पेट शॉप पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान दुकान से चार प्रतिबंधित ‘भारतीय छतदार कछुए’ बरामद किए गए हैं। वन विभाग ने दुकान संचालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
ग्राहक बनकर पहुंची टीम, 1500 रुपये में हुई थी डील
वन विभाग को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि जरहाभाठा के मंदिर चौक स्थित “पेट पॉइंट” नामक दुकान में प्रतिबंधित कछुओं की अवैध रूप से बिक्री की जा रही है। सूचना की पुष्टि करने के लिए वन विभाग ने अपने एक कर्मचारी को फर्जी ग्राहक बनाकर दुकान में भेजा। कर्मचारी ने संचालक से 1500 रुपये में एक कछुए का सौदा किया। जैसे ही कछुआ खरीदा गया, पहले से बाहर मुस्तैद वन विभाग की टीम ने दुकान पर दबिश दे दी और मौके से कुल चार दुर्लभ भारतीय छतदार कछुए जब्त कर लिए।
नागपुर से जुड़े हैं तस्करी के तार
गिरफ्तार दुकान संचालक ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वह इन दुर्लभ कछुओं को महाराष्ट्र के नागपुर से लाकर बिलासपुर में ऊंचे दामों पर बेचता था। इस अहम जानकारी के बाद बिलासपुर वन विभाग ने मामले की पूरी सूचना नागपुर वन विभाग से भी साझा की है, ताकि कछुआ तस्करी से जुड़े इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क और मुख्य तस्करों का पर्दाफाश किया जा सके।
अनुसूची-1 का संरक्षित वन्यजीव है यह कछुआ
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भारतीय छतदार कछुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल एक बेहद संरक्षित प्रजाति है। कानूनन इसके शिकार, खरीद-बिक्री और किसी भी प्रकार के व्यापार पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। फिलहाल वन विभाग इस अवैध तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की सक्रियता की जांच कर रहा है।



