चंदखुरी। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली के अवसर पर गायत्री देवी आईटी स्कूल, नरदहा में विविध कार्यक्रमों का आयोजन उत्साह एवं उमंग के साथ किया गया। विद्यालय परिसर को हरियाली की थीम से सजाया गया, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रति सम्मान प्रकट किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया। बच्चों ने विभिन्न पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को हरेली पर्व के महत्व, उसकी सांस्कृतिक विरासत एवं कृषि जीवन से जुड़े महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री अनिल टंडन उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरेली पर्व हमारी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने बच्चों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने तथा अपनी लोक संस्कृति को सहेजकर रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री ज्ञानेंद्र सिंह, उप प्राचार्य श्रीमती प्रीति वर्मा सहित समस्त शिक्षकों एवं स्टाफ की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में सावित्री वर्मा, भुनेश्वरी, गीतांजलि, वैशाली वर्मा एवं संगीता कर्ण का विशेष योगदान रहा। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए पौधरोपण कार्यक्रम में भाग लिया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि हरेली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और कृषि संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है। बच्चों में पर्यावरण संरक्षण एवं अपनी लोक परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इस प्रकार के आयोजनों का विशेष महत्व है।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली संवर्धन का संकल्प लिया। विद्यालय परिवार ने क्षेत्रवासियों को हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।




