कोरबा। अंतर्राष्ट्रीय जनसंख्या दिवस के अवसर पर 11 जुलाई को जनपद पंचायत कोरबा सभा कक्ष में संतोष शर्मा जिला सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के निर्देशन एवं सचिव कुमारी डिंपल के मार्गदर्शन में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन मुख्य कार्यपालक अधिकारी खगेश कुमार निर्मलकर की अध्यक्षता में जनपद पंचायत सभागार कोरबा में किया गया कार्यक्रम में बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न सामाजिक आर्थिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए जनसंख्या संतुलन पर सतत विकास के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी खगेश कुमार निर्मलकर ने अपने उद्बोधन में कहा की अंतर्राष्ट्रीय जनसंख्या दिवस केवल आंकड़ों का विषय नहीं बल्कि मानव जीवन की गुणवत्ता संसाधनों के न्याय संगत उपयोग और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने वर्ष 2026 की थीम के भावार्थ को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार और सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध हो इसके लिए जनसंख्या और संसाधनों के बीच संतुलन आवश्यक है। जागरूक नागरिक, सशक्त महिलाएं और शिक्षित युवा ही स्वस्थ एवं विकसित समाज की आधारशिला है।

कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ रोहित कुमार राजवाड़े ने जनसंख्या वृद्धि से जुड़े विधिक एवं सामाजिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बढ़ती आबादी के साथ नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने परिवार कल्याण, शिक्षा स्वास्थ्य और लैंगिक समानता को जनसंख्या स्थिरीकरण के महत्वपूर्ण आधार बताया।
पैरा लीगल वॉलिंटियर रमाकांत दुबे ने उपस्थित जनों को अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या दिवस के महत्व उद्देश्य तथा बढ़ती जनसंख्या के प्रभाव एवं दुष्प्रभावों की जानकारी दी उन्होंने बताया कि जनसंख्या वृद्धि का सीधा प्रभाव प्राकृतिक संसाधनों रोजगार के अवसर शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं पर पड़ता है। समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही संतुलित और समृद्ध भविष्य का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों एवं नागरिकों ने जनसंख्या जागरूकता परिवार नियोजन महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े विषयों पर विचार साझा किया कार्यक्रम के अंत में जनसंख्या संतुलन एवं सतत विकास के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया गया।



