बलौदाबाजार, 7 नवंबर 2026। आगामी धान खरीदी सीजन शुरू होने से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान उपार्जन केंद्रों में अनियमितता और धान के स्टॉक में अप्रत्याशित कमी पाए जाने पर प्रशासन ने कुल 13 कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
इस कार्रवाई के तहत 9 उपार्जन केंद्र प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक (बर्खास्त) कर दिया गया है, जबकि 4 अन्य कर्मचारियों से नुकसान की वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके साथ ही, इन सभी 13 कर्मचारियों को इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।
इन केंद्रों के कर्मचारियों पर गिरी गाज
प्रशासनिक जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद जिले के 13 उपार्जन केंद्रों के कर्मचारियों पर यह कार्रवाई की गई है। इनमें मनोहरा, केसली, कामता, निपनिया, बिटकुली, खैरा, सिंगारपुर, कर्मदा, छेरकापुर, खरतोरा, करहीबाजार और मोहभट्टा सहित अन्य उपार्जन केंद्र शामिल हैं।
15 नवंबर से 181 केंद्रों पर शुरू होगी खरीदी
जिले में आगामी 15 नवंबर से कुल 181 उपार्जन केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत होने जा रही है। खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पहले से ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है।
कलेक्टर की दो टूक- लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मामले को लेकर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि धान खरीदी कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है या नियमों का उल्लंघन होता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।




