भिलाई/दुर्ग। दुर्ग जिले में बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को लेकर बेहद सख्त हो गया है। अवैध प्रवास की जांच और संदिग्धों की पहचान के लिए दुर्ग पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक व्यापक विशेष अभियान शुरू किया है।
इस अभियान के तहत अब तक करीब 32 हजार व्यक्तियों के डेटा को स्कैन कर उसका बारीकी से विश्लेषण किया गया है, जिसमें से 250 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों को आगे की गहन जांच के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में एसटीएफ की छापेमारी
शॉर्टलिस्ट किए गए संदिग्धों का जमीनी सत्यापन (Verification) करने के लिए दुर्ग पुलिस की एसटीएफ टीम पश्चिम बंगाल रवाना हो चुकी है। टीम ने पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद सहित कई संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया है। इस दौरान टीम ने संदिग्धों के पैतृक निवास, दस्तावेजों और पृष्ठभूमि से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां संकलित कर उनका पूरा दस्तावेजीकरण किया है।
पकड़ी गई बांग्लादेशी महिला डिपोर्ट
पुलिस ने बताया कि शनिवार को पकड़ी गई बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर के खिलाफ कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे वापस उसके देश डिपोर्ट (निर्वासित) कर दिया गया है। फिलहाल, पश्चिम बंगाल और स्थानीय स्तर पर जुटाए गए डेटा का विस्तृत विश्लेषण चल रहा है। जांच पूरी होते ही दस्तावेजी खामियां पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की अपील: संदिग्धों की सूचना तुरंत दें
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आस-पास किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर नजर रखें। यदि ऐसी कोई भी जानकारी मिलती है, तो बिना देरी किए इसकी सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।



