सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ममता कॉलोनी में रहने वाली एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका और उनके 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शिक्षिका का शव उनके ही किराए के घर के बाथरूम से मिला है, जबकि बेटे की लाश घर से करीब 20 किलोमीटर दूर जयनगर थाना क्षेत्र के महावीरपुर जंगल में सड़क किनारे एक गड्ढे में मिट्टी से दबी हुई बरामद हुई।
दो अलग-अलग जगहों से ऐसे हुआ खौफनाक वारदात का खुलासा
पुलिस के अनुसार, इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा दो चरणों में हुआ:
- जंगल में मिली बेटे की लाश: शनिवार (10 अक्टूबर) की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से लगी एक ग्रामीण सड़क के किनारे महावीरपुर के जंगलों में एक अज्ञात युवक का शव मिट्टी में दबा हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की, लेकिन पहचान न होने के कारण शव को विश्रामपुर मर्चुरी भेज दिया गया।
- बंद घर के बाथरूम में मिली मां की लाश: इसी बीच, शनिवार देर शाम पुलिस को सूचना मिली कि ममता कॉलोनी में रहने वाली शिक्षिका और उनका बेटा शुक्रवार से लापता हैं और उनके फोन भी बंद आ रहे हैं। जब पुलिस रिश्तेदारों की मौजूदगी में घर पहुंची और ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुई, तो बाथरूम में शिक्षिका की खून से लथपथ लाश मिली। इसके बाद महावीरपुर में मिले शव की शिनाख्त शिक्षिका के बेटे के रूप में की गई।
मां-बेटे की पहचान और पृष्ठभूमि
- मृतका: रजनी बरेठ (42 वर्ष), जो मूल रूप से जांजगीर-चांपा जिले की रहने वाली थीं और बेलटीकरी शासकीय मिडिल स्कूल में शिक्षिका के पद पर पदस्थ थीं।
- मृतक बेटा: सुजल बरेठ (18 वर्ष), जो बिश्रामपुर के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था।
- पारिवारिक स्थिति: रजनी बरेठ तलाकशुदा थीं और पिछले 15 वर्षों से बिश्रामपुर में किराए के मकान में अपने बेटे के साथ अकेले रहती थीं।
गायब मोबाइल और ₹19 लाख का लोन: जांच में बड़े खुलासे
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर इस हत्याकांड के पीछे कई महत्वपूर्ण कोण सामने आ रहे हैं:
- लोन और पैसों का विवाद: शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात से ठीक एक दिन पहले शिक्षिका ने जमीन खरीदने के उद्देश्य से बैंक से लगभग 16 से 19 लाख रुपये का लोन निकाला था। पुलिस को अंदेशा है कि हत्या की वजह इन पैसों से भी जुड़ी हो सकती है।
- प्रेम प्रसंग का एंगल और संदेही हिरासत में: पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लव अफेयर और पैसों के विवाद के कोण से जांच तेज कर दी है। पुलिस ने इस मामले में एक कथित संदेही प्रेमी को हिरासत में लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
- सबूत मिटाने की कोशिश: मां और बेटे दोनों के शरीर पर धारदार हथियार और मारपीट के गंभीर चोट के निशान हैं। हत्या के बाद हत्यारे दोनों के मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए हैं ताकि कॉल डिटेल्स और डिजिटल साक्ष्य छिपाए जा सकें।
फॉरेंसिक और डॉग स्क्वाड की टीमें तैनात
घटनास्थल को पुलिस ने पूरी तरह सील कर दिया है। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वाड की मदद ली जा रही है। इसके साथ ही विश्रामपुर और जयनगर के बीच पड़ने वाले सभी मुख्य मार्गों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की आवाजाही को ट्रैक किया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही समय और सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी, जल्द ही पूरे मामले का आधिकारिक तौर पर पटाक्षेप किया जाएगा।



