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सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट सुगंधा जैन ने देहरादून के भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) में POSH पर दी मैंडेट ट्रेनिंग; कर्मचारियों ने खुलकर रखी अपनी बात

देहरादून/रायपुर, 26 अक्टूबर।
राजधानी रायपुर में पढ़ी-बढ़ी और सुप्रीम कोर्ट की प्रसिद्ध एडवोकेट सुगंधा जैन ने उत्तराखंड के देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India – WII) में ‘POSH’ (Prevention of Sexual Harassment) कानून पर एक महत्वपूर्ण मैंडेट ट्रेनिंग दी। संस्थान के कर्मचारियों के लिए इस दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन 22 और 23 अक्टूबर को किया गया था।

अब तक का सबसे इंटरैक्टिव सत्र
इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसका जीवंत और इंटरैक्टिव होना रही। संस्थान के सूत्रों के मुताबिक, यह WII में अब तक आयोजित हुए सत्रों में सबसे ज्यादा इंटरैक्टिव सेशन रहा। ट्रेनिंग के दौरान संस्थान के कर्मचारियों ने बेहद सहज माहौल में खुलकर अपनी बातें सामने रखीं, कार्यस्थल की चुनौतियों पर सवाल किए और एडवोकेट सुगंधा जैन से अपनी विभिन्न शंकाओं व जिज्ञासाओं का व्यावहारिक समाधान प्राप्त किया।

POSH कानून और अधिकारों की दी विस्तृत जानकारी
सत्र के दौरान सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट सुगंधा जैन ने ‘POSH Act 2013’ के कानूनी पहलुओं को बेहद सरल भाषा में समझाया। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला:

  • कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की स्पष्ट परिभाषा: कानून के दायरे में क्या-क्या आता है और कार्यस्थल की सीमाएँ कहाँ तक हैं।
  • इंटरनल कमेटी (IC): संस्थान के भीतर आंतरिक समिति का गठन कैसे होता है और इसकी कार्यप्रणाली क्या है।
  • शिकायत प्रक्रिया: किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने का सही और कानूनी तरीका क्या है।
  • कर्मचारियों के अधिकार: शिकायतकर्ता के कानूनी अधिकार और उनकी सुरक्षा से जुड़े अहम प्रावधान।

इस दो दिवसीय सत्र के सफल आयोजन से संस्थान के कर्मचारियों में कार्यस्थल पर सुरक्षा और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।


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