रायपुर। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रमुख डॉ. अजय यादव ने आज जेल से रिहा होने के बाद ग्राम पंचायत नकटी (सम्मानपुर) पहुँचकर प्रशासनिक कार्रवाई से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने ध्वस्त किए गए मकानों एवं घटनास्थल का निरीक्षण किया, पीड़ित ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं तथा संगठन के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर प्रत्येक प्रभावित परिवार को न्याय दिलाने हेतु संगठन की ओर से पूर्ण सहयोग एवं कानूनी सहायता का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर डॉ. अजय यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रारंभ से ही सम्मानपुर के ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे हैं। आंदोलन के दौरान जब तक संगठन का नेतृत्व मैदान में था तब तक ग्रामीणों के मकानों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, किंतु संगठन के प्रमुख डॉ. अजय यादव एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल को विभिन्न प्रकरणों में जेल भेजे जाने के पश्चात प्रशासन द्वारा सम्मानपुर ग्राम पंचायत के 77 परिवारों के मकानों को अवैध बताते हुए बलपूर्वक ध्वस्त कर दिया गया, जिससे अनेक परिवार खुले आसमान के नीचे जीवनयापन करने को विवश हो गए।

बैठक में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना द्वारा तैयार विस्तृत विधिक प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया। संगठन ने बताया कि यह प्रतिवेदन राजस्व अभिलेखों, ग्राम सभा के प्रस्तावों, शासन के दिशा-निर्देशों, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों तथा उपलब्ध दस्तावेजों एवं घटनाक्रम के गहन अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। प्रतिवेदन में सार्वजनिक निस्तार भूमि के संरक्षण, ग्राम सभा के अधिकार तथा विधिक प्रक्रिया से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण तथ्यों एवं कानूनी बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।
संगठन ने कहा कि उसके अध्ययन के अनुसार यदि ग्राम सभा के सर्वसम्मत प्रस्ताव की उपेक्षा कर सार्वजनिक निस्तार भूमि के संबंध में निर्णय लिए गए हैं अथवा प्रभावित परिवारों के विरुद्ध विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया का पूर्ण पालन किए बिना ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है, तो ऐसे मामलों की न्यायिक समीक्षा आवश्यक है। संगठन का मानना है कि सार्वजनिक निस्तार भूमि के संरक्षण, ग्राम सभा के अधिकारों तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित सिद्धांतों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने घोषणा की कि विधिक प्रतिवेदन में वर्णित तथ्यों एवं कानूनी आधारों को संगठन की आधिकारिक कार्यवाही का हिस्सा बनाया जाएगा तथा निम्न कदम उठाए जाएंगे—
- प्रभावित परिवारों की ओर से आवश्यकतानुसार सक्षम न्यायालयों के समक्ष विधिक कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी।
- ध्वस्तीकरण से संबंधित सभी प्रशासनिक आदेशों, नोटिसों, राजस्व अभिलेखों एवं अन्य दस्तावेजों की वैधानिक जांच कराई जाएगी।
- यदि जांच में किसी अधिकारी द्वारा विधि-विरुद्ध कार्यवाही, अधिकारों का दुरुपयोग अथवा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की जाएगी।
- प्रभावित परिवारों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा न्यायालयीन कार्यवाही का आवश्यक व्यय छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना द्वारा वहन किया जाएगा।
- पुनर्वास, मुआवजा एवं न्याय मिलने तक संगठन का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
डॉ. अजय यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का संघर्ष किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध नहीं, बल्कि संविधान, विधि के शासन तथा ग्रामीणों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में रहकर प्रत्येक उपलब्ध विधिक मंच पर पीड़ित परिवारों की ओर से मजबूती से पक्ष रखेगा और न्याय मिलने तक उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।
अंत में बैठक में उपस्थित सभी ग्रामीणों एवं संगठन पदाधिकारियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि सम्मानपुर (नकटी) के किसी भी प्रभावित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा तथा छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना विधिक, सामाजिक एवं जनआंदोलन—तीनों स्तरों पर संघर्ष करते हुए न्याय सुनिश्चित कराने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।




