सिर्फ कब्ज नहीं, दर्द और सूजन में भी कारगर है कैस्टर ऑयल ! जानिए अरंडी के तेल के फायदे और सही इस्तेमाल का तरीका

हेल्थ : अगर आप अब तक कैस्टर ऑयल यानी अरंडी के तेल को सिर्फ पेट साफ करने की दवा मानते थे, तो यह जानकारी आपके लिए है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जब कैस्टर ऑयल को पीने के बजाय त्वचा पर लगाया जाता है, तो यह सिर्फ मॉइस्चराइजिंग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शरीर के अंदरूनी हिस्सों पर भी असर डाल सकता है।
कैस्टर ऑयल में मौजूद रिसिनोलिक एसिड एक खास फैटी एसिड है, जिसे सूजन कम करने में सहायक माना जाता है। आयुर्वेद में अरंडी के तेल को ‘वात शांत’ करने वाला बताया गया है—यानी यह जोड़ों के दर्द, जकड़न और ड्राईनेस जैसी समस्याओं में राहत दे सकता है। डॉक्टर सलीम जैदी सहित कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसके बाहरी उपयोग को लाभकारी बताया है।
कैस्टर ऑयल के प्रमुख फायदे
1. सूजन और दर्द में राहत
रिसिनोलिक एसिड सूजन के संकेतों को कम करने में मदद कर सकता है। घुटनों, कमर या कंधे के दर्द में हल्की मालिश से आराम मिल सकता है।
2. स्किन को डीप मॉइस्चराइज
ड्राई और रफ त्वचा के लिए यह नेचुरल मॉइस्चराइजर की तरह काम करता है।
3. बालों की ग्रोथ में सहायक
स्कैल्प पर लगाने से बालों की जड़ों को पोषण मिल सकता है और ड्राईनेस कम होती है।
4. मांसपेशियों की जकड़न में आराम
वर्कआउट या लंबे समय तक बैठने के बाद मांसपेशियों में जकड़न हो तो हल्की गर्म कैस्टर ऑयल से मसाज फायदेमंद हो सकती है।
कैसे करें इस्तेमाल?
✔ जोड़ों के दर्द के लिए
तेल को हल्का गुनगुना करें और प्रभावित हिस्से पर 10–15 मिनट तक मालिश करें। चाहें तो कपड़े से ढककर हल्की गर्म सिकाई करें।
✔ पेट की समस्या में (बाहरी उपयोग):
नाभि के आसपास हल्की मालिश करने से पाचन में सुधार की बात कही जाती है।
✔ बालों के लिए:
सप्ताह में 1–2 बार स्कैल्प पर लगाकर 1 घंटे बाद शैंपू करें।
✔ त्वचा के लिए:
रात में सोने से पहले सूखी त्वचा पर हल्की मात्रा में लगाएं।
ध्यान रखें
कैस्टर ऑयल का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के न करें। गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारी से ग्रसित लोग उपयोग से पहले चिकित्सक से परामर्श लें।
निष्कर्षतः, अरंडी का तेल सिर्फ एक रेचक (लैक्सेटिव) नहीं, बल्कि सही तरीके से उपयोग करने पर दर्द, सूजन और त्वचा की समस्याओं में सहायक प्राकृतिक उपाय भी हो सकता है।



