छात्रों के लिए काफी फायदेमंद है गोरक्षासन, पढ़ाई में तेज़ फोकस और कम तनाव का मंत्र

हेल्थ : आज की प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली में छात्रों पर पढ़ाई, परीक्षा और करियर को लेकर भारी दबाव रहता है। देर तक बैठकर पढ़ने से कमर दर्द, कंधों में जकड़न, मानसिक थकान और ध्यान भटकने जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में योग न सिर्फ शरीर को, बल्कि मन को भी संतुलित करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इन्हीं योगासन में से एक है गोरक्षासन, जिसे एकाग्रता और मानसिक स्थिरता बढ़ाने वाला आसन माना जाता है। गोरक्षासन का नियमित अभ्यास छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को सीधा रखता है, जिससे बैठकर पढ़ते समय शरीर की मुद्रा बेहतर होती है। साथ ही यह मन को शांत कर विचारों की अनावश्यक भागदौड़ को कम करता है, जिससे पढ़ाई में फोकस बढ़ता है।
गोरक्षासन के प्रमुख फायदे
- मानसिक तनाव और परीक्षा से जुड़ी चिंता कम करने में मददगार
- ध्यान और एकाग्रता में सुधार
- याददाश्त को मजबूत बनाने में सहायक
- रीढ़, कमर और कूल्हों को मजबूत बनाता है
- लंबे समय तक पढ़ाई के दौरान थकान कम करता है
- मन को स्थिर और सकारात्मक बनाता है
गोरक्षासन करने का तरीका
- सबसे पहले जमीन पर दरी या योगा मैट बिछाकर बैठ जाएं।
- दोनों पैरों को सामने फैलाएं।
- अब दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाकर एड़ियों को शरीर के पास लाएं।
- पैरों को इस तरह मोड़ें कि एड़ियां जननेंद्रिय के नीचे की ओर आ जाएं और घुटने जमीन की ओर टिके रहें।
- रीढ़ की हड्डी सीधी रखें, हाथों को घुटनों पर रखें और आंखें बंद कर लें।
- गहरी और धीमी सांस लेते हुए 1–3 मिनट तक इसी स्थिति में रहें।
शुरुआत में इस आसन को योग विशेषज्ञ की सलाह से करना बेहतर होता है। नियमित अभ्यास से छात्र न केवल पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी अधिक संतुलित और आत्मविश्वासी बन सकते हैं।



