हेल्थ

क्या फैटी लिवर में घी तेल बिलकुल बंद कर देना चाहिए?

हेल्थ : आज के समय में फैटी लिवर एक आम बीमारी हो गई है. कई लोगों को ग्रेड 1 ही नहीं बल्कि 2 का फैटी लिवर भी है. फैटी लिवर होने के बाद खानपान में परहेज करना जरूरी है. डॉक्टर लोगों को मैदा, चीनी, रेड मीट और फास्ट फूड न खाने की सलाह देते हैं. तला- भूना भोजन भी कम करने की सलाह दी जाती है, लेकिन कुछ लोग घी या तेल को पूरी तरह भी छोड़ देते हैं. क्या ऐसा करना सही है. इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं।

दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग मे डॉ अजीत कुमार बताते हैं कि फैटी लिवर में फैट कम खाना होता है, लेकिन हेल्दी फैट को पूरी तरह नहीं छोड़ा जाता है. क्योंकि शरीर के लिए हेल्दी फैट बहुत जरूरी है. ऐसे में आप सीमित मात्रा में घी और तेल का सेवन कर सकते हैं, लेकिन इसके खाने के तरीके पर ध्यान देने की जरूरत है. इसलिए किसी भी चीज को डीप फाइड न खाएं, कोई घी या तेल ऐसा यूज न करें जो बार- बार गर्म किया गया हो।

डॉ. कुमार कहते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, बार- बार गर्म कि गए तेल का किसी भी रूप में सेवनमेटाबॉलिक बीमारियों का खतरा बढ़ाता है. ऐसे में किसी भी तेल से बनी चीजों से परहेज करें, हां, घर में अगर कुछ तेल वाला खा रहे हैं तो उसको खास परेशानी नहीं है,. बस तेल का यूज एक बार किया हो।

फैटी लिवर में डाइट के जरूरी नियम क्या हैं

चीनी खाना कम करें

मैदा कम करें

रोज कम से कम 30 मिनट वॉक करें

अपनी डाइट में प्रोटीन और फाइबर बढ़ाएं

फैटी लिवर क्यों होता है

डॉ कुमार बताते हैं कि फैटी लिवर के कई कारण होते हैं. उनमें सबसे पहला है खानपान का खराब होना. जो लोग ज्यादा तला- भूना भोजन करते हैं. डाइट में अधिक मैदा, चीनी खाते हैं और शराब का भी सेवन करते हैं तो उनको फैटी लिवर की समस्या हो जाती है, हालांकि आजकल शराब न पीने वालों में भी ये बीमारी हो रही है. इसका मुख्य कारण खराब खानपान ही है. चिंता की बात यह है कि अब कम उम्र वालों को भी फैटी लिवर हो रहा है।

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