हेल्थ

इस भारतीय डाइट से आपका हार्ट हमेशा रहेगा हेल्दी, AIIMS की रिसर्च

हेल्थ : दिल की बीमारियों से बचाव के लिए Mediterranean diet को दुनिया की सबसे हेल्दी डाइट में से एक माना जाता है, लेकिन अब दिल्ली एम्स की एक स्टडी में पता चला है कि अगर इस डाइट को भारतीय खाने के साथ मिलाया जाए तो ये हार्ट के लिए और भी ज्यादा फायदेमंद हो सकती है. एम्स दिल्ली में हुई एक स्टडी में यह दावा किया गया है।

रिसर्च में बताया गया है कि भारतीय दालों, सब्जियों और साबुत अनाज को मेडिटेरेनियन डाइट के साथ मिलाकर एक डाइट तैयार की गई है. इस डाइट को नई दिल्ली के एक कार्डियोलॉजी क्लिनिक में दिल के मरीजों पर परखा गया था. करीब 53 लोगों ने तीन महीने तक इस डाइट को फॉलो किया. रिसर्च में पता चला कि जो लोग डाइट को ले रहे थे उनमें मोटापा कम हुआ, शुगर कंट्रोल में रहा और लेप्टिन हार्मोन बैलेंस हुआ. ये वही हार्मोन है जो शरीर में सूजन करता है और हार्ट की बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है।

यह एक तरीके की एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट

दिल्ली एम्स में कार्डियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ अंबुज रॉय ने TV9 से बातचीत में बताया कि हमने अपनी रिसर्च में मरीजों को एक तरह की एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट दी. इसकी मदद से शरीर में सूजन कम करने में फायदा हुआ. डॉ अंबुज ने बताया कि जिस डाइट में ज्यादा सब्जियां, फल, साबुत अनाज और हेल्दी फैट होते हैं, वे शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं. इसका सीधा फायदा हार्ट को होता है और हार्ट संबंधी बीमारियों के रिस्क को कम करने में काफी मदद मिलती है।

इस डाइट में क्या-क्या शामिल है

इस डाइट में दालें, चना, पनीर जैसे फूड शामिल किए जाते हैं. भारत में बड़ी संख्या में लोग शाकाहारी होते हैं, इसलिए दालें और लेग्यूम्स प्रोटीन का अच्छा स्रोत माने जाते हैं. साबूत अनाज के रूप में इस डाइट में बाजरा, जौ और कुट्टू को शामिल किया जाता है.रोटी और चपाती भी मैदा की बजाय गेहूं के आटे की दी जाती है. इस डाइट के साथ हेल्दी फैट भी दिया जाता है. इसके लिएए मूंगफली का तेल और सरसों का तेल इस्तेमाल किया गया, जबकि घी और नारियल तेल का इस्तेमाल काफी कम किया गया है।

क्यों बढ़ रही दिल की बीमारियां

डॉ अंबुज बताते हैं कि हार्ट की बीमारियों के बढ़ने का एक बड़ा कारण खराब डाइट है. लोग अब जंक फूड ज्यादा खाने लगे हैं. तला – भूना भोजन डाइट में बढ़ गया है. प्रोटीन और विटामिन कम लेते हैं. जो दिल की बीमारियों के बढ़ने का एक बड़ा कारण है।

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