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नया मटका खरीदा है, अंदर हाथ डालकर धोने की गलती कभी न करें; जान लीजिए इसका सही तरीका…

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही भारतीय घरों में ‘देसी फ्रिज’ यानी मिट्टी के मटके की वापसी हो जाती है। मटके का सोंधा और ठंडा पानी प्यास तो बुझाता ही है, सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है। लेकिन बाजार से नया मटका लाते ही ज्यादातर लोग उसे अंदर हाथ डालकर रगड़कर धोने की गलती करते हैं। आइए जानते हैं इसे साफ करने का सही तरीका।

गर्मियां शुरू होते ही हर मिडिल-क्लास भारतीय घर में एक चीज एकदम ‘कंपलसरी’ हो जाती है- फ्रिज के बगल में रखा मिट्टी का नया मटका। इसके ठंडे और सोंधे पानी की तुलना दुनिया की कोई महंगी बोतल या फ्रिज का पानी नहीं कर सकता। लेकिन जब बाजार से नया मटका घर आता है, तो हमारी मम्मी या हम खुद उसे नल के नीचे ले जाकर अंदर हाथ डालकर घिस-घिस कर धोने लगते हैं।अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो रुक जाइए! आपकी यह आम सी लगने वाली सफाई मटके की ‘जान’ निकाल रही है।

मटके के अंदर हाथ डालकर क्यों नहीं धोना चाहिए?
मिट्टी का मटका एक बेहद नाजुक ‘नेचुरल फिल्टर’ की तरह काम करता है। इसके अंदर हाथ डालकर रगड़ने से दो बड़े नुकसान होते हैं:

दरारें और कूलिंग सिस्टम खराब: नए मटके का अंदरूनी हिस्सा बहुत नाजुक और खुरदरा होता है। इसमें सूक्ष्म छिद्र होते हैं, जो पानी को ठंडा रखते हैं। जब आप हाथ डालकर रगड़ते हैं, तो इन छिद्रों में मिट्टी भर सकती है या मटके की दीवार पर माइक्रो-क्रैक्स (बारीक दरारें) आ सकती हैं। इससे मटके की पानी ठंडा करने की ताकत खत्म हो जाती है।

पानी में साबुन और तेल का स्वाद: हमारे हाथों में प्राकृतिक तेल, पसीना, गंदगी या साबुन का अंश होता है। मिट्टी का स्वभाव ‘सोखने’ का होता है। अगर आप हाथ या जूने से इसे अंदर से साफ करेंगे, तो वह तेल या साबुन मटके की दीवारों में समा जाएगा। इसके बाद आप जब भी पानी पिएंगे, उसमें साबुन की महक या अजीब सा स्वाद आएगा।

तो फिर नया मटका साफ करने का ‘सही तरीका’ क्या है?
मटके को साफ करना बहुत आसान है, बस इसके लिए सही तकनीक पता होनी चाहिए:

बिना छुए खंगालें: मटके को अंदर और बाहर से सिर्फ साफ पानी से खंगालें। अंदर हाथ बिल्कुल न डालें।
पानी भरकर छोड़ दें: नए मटके को ऊपर तक साफ पानी से भर दें और 10-12 घंटों या पूरी रात के लिए ऐसे ही छोड़ दें। इससे अंदर मौजूद ढीली मिट्टी के कण पानी में घुलकर अलग हो जाएंगे।
गोल घुमाकर साफ करें: भीगने के बाद मटके को हाथ से रगड़ने के बजाय, उसे गोल-गोल घुमाकर खंगालें और पूरा पानी फेंक दें।
सूखने दें: इसके बाद एक बार और साफ पानी से खंगालें। मटके को थोड़ा सूखने दें, और फिर इसमें पीने का शुद्ध पानी भर लें।

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साबुन का नो-एंट्री जोन: मटके को कभी भी डिशवॉश, साबुन या डिटर्जेंट से न धोएं। यह जहर का काम कर सकता है।
हाथ न डुबोएं: पानी निकालने के लिए हमेशा एक लंबे हैंडल वाले साफ बर्तन का इस्तेमाल करें। सीधे गिलास या हाथ डुबोने से पानी में बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
हमेशा ढक कर रखें: धूल और गंदगी से बचाने के लिए मटके के मुंह को हमेशा एक साफ प्लेट या ढक्कन से कवर करके रखें।

सिर्फ एक बार यह सही तरीका अपनाकर देखिए, पूरी गर्मी आपका मटका ठंडा और मीठा पानी देगा!

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