छत्तीसगढ़रायपुर

रायपुर जिले में रेत की भारी किल्लत: आसमान छूते दाम और ठप पड़े निर्माण कार्यों से आम जनता त्रस्त

रायपुर जिले में रेत की भारी किल्लत: आसमान छूते दाम और ठप पड़े निर्माण कार्यों से आम जनता त्रस्त

रायपुर। रायपुर जिले में पिछले कुछ समय से रेत की भीषण किल्लत (शॉर्टेज) निर्माण क्षेत्र और आम नागरिकों के लिए एक बड़ा संकट बन चुकी है। जिले में रेत की आपूर्ति ठप होने के कारण न सिर्फ सरकारी और निजी निर्माण कार्य अधर में लटके हैं, बल्कि इस क्षेत्र से जुड़े हजारों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।

कालाबाजारी और आसमान छूती कीमतें

स्थानीय ठेकेदारों और नागरिकों का कहना है कि रेत की कमी के कारण बाजार में इसकी कालाबाजारी चरम पर है। जो रेत पहले सामान्य दामों पर मिल जाती थी, आज उसके लिए दोगुनी-तिगुनी कीमतें वसूली जा रही हैं। मध्यम वर्गीय परिवार, जो अपना आशियाना बना रहे हैं, इस अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि के कारण काम रोकने पर मजबूर हैं।

प्रमुख समस्याएं और चिंताएं:

रोजगार पर संकट: निर्माण कार्य बंद होने से दैनिक वेतन भोगी मजदूर, राजमिस्त्री और परिवहन क्षेत्र (ट्रक-हाइवा चालक) बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

परियोजनाओं में देरी: प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं रेत की अनुपलब्धता के कारण कछुआ गति से चल रही हैं।

अवैध उत्खनन को बढ़ावा: प्रदेश मे वैध रेत खदान बन्द होने के कारण कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर उसे ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है।

संगठन/प्रतिनिधि का बयान:
“रेत की यह किल्लत प्रशासनिक दूरदर्शिता की कमी को दर्शाती है। यदि समय रहते रेत खदानों के संचालन और आवंटन की प्रक्रिया को सुचारू नहीं किया गया, तो रायपुर का रियल एस्टेट और निर्माण उद्योग पूरी तरह ठप हो जाएगा। हमारी मांग है कि प्रशासन तुरंत इस पर संज्ञान ले और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करे।”

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
हम शासन और जिला प्रशासन से निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हैं:-

  • ​रायपुर और आसपास के जिलों में वैध रेत खदानों से आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए।
  • ​रेत की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए एक निश्चित दर (प्राइस कैप) तय की जाए।
  • ​रेत के अवैध परिवहन और जमाखोरी में लिप्त माफियाओं के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो।

​यदि आगामी कुछ दिनों में स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो प्रभावित वर्ग,हाइवा यूनियन और श्रमिक संगठन मिलकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

इसकी जानकारी यूनियन द्वारा सचिव महोदय खनिज छत्तीसगढ़, कलेक्टर महोदय रायपुर जिला और खनीज अधिकारी रायपुर जिला रायपुर को भी पूर्व मे दे दी गईं हैँ। जिसका भी पत्राचार कई पावती प्रेस मे दी गई हैँ ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button