धार्मिक

“बुध का व्यावसायिक चतुरता योग: जब राहु-मंगल के साथ मिलकर जातक बनता है शत्रुओं पर भारी”-आचार्य पं. गिरीश पाण्डेय

1. प्रथम भाव (लग्न) में बुध: प्रखर व्यक्तित्व और हाजिरजवाबी

लग्न का बुध जातक को आकर्षक, बुद्धिमान और हंसमुख स्वभाव देता है। ऐसा व्यक्ति अपने बुद्धि कौशल और संवाद कला के दम पर व्यापार में अपनी पहचान बनाता है। इनके पास हर समस्या का त्वरित समाधान (हाजिरजवाबी) होता है, जो इन्हें एक कुशल उद्यमी या सलाहकार बनाता है।

2. द्वितीय भाव में बुध: धन और वाणी का जादू

दूसरा भाव धन और कुटुंब का है। यहाँ बैठा बुध जातक को ‘वाक-पटु’ बनाता है। व्यापार में क्लाइंट्स को कैसे आकर्षित करना है और अपनी बातों से डील कैसे फाइनल करनी है, यह कला इन्हें बखूबी आती है। बैंकिंग, कंसल्टेंसी, और ट्रेडिंग में यह बुध अपार सफलता देता है।

3. तृतीय भाव में बुध: पराक्रम और साहसी निर्णय

तीसरा भाव छोटे भाई-बहनों, संचार और पराक्रम का है। यहाँ बुध जातक को लेखन, मीडिया, मार्केटिंग और ब्रोकरेज के काम में निपुण बनाता है। अपनी बुद्धि के बल पर ये लोग व्यापार में जोखिम (Risk) लेने से नहीं डरते और नए-नए कूटनीतिक प्रयोग करते हैं।

4. षष्ठ भाव (छठे घर) में बुध: तार्किक क्षमता और शत्रु विजय

छठा भाव रोग, ऋण और रिपु (शत्रु) का है। इस भाव में बुध जातक को गजब की तार्किक क्षमता (Analytical Skills) देता है। नौकरी हो या व्यापार, ये अपने विरोधियों को शारीरिक बल से नहीं, बल्कि अपनी दिमागी चालों और रणनीतियों से परास्त करते हैं। वकालत, अकाउंट्स और ऑडिटिंग में यह बुध बहुत लाभकारी है।

5. अष्टम भाव में बुध: गूढ़ ज्ञान और खोजी दिमाग

आठवें भाव का बुध जातक को रहस्यमयी और खोजी प्रवृत्ति का बनाता है। व्यापार के क्षेत्र में ऐसे लोग मार्केट रिसर्च, गुप्त रणनीतियों और शेयर बाजार या सट्टे जैसे क्षेत्रों से अचानक धन लाभ कमाते हैं। इनकी व्यावसायिक बुद्धि बहुत गहरी होती है, जिसे भांप पाना दुश्मनों के लिए नामुमकिन होता है।

6. दशम भाव में बुध: कर्म का शिखर और सफल व्यापारी

दशम भाव (कर्म स्थान) में बुध को अत्यंत शुभ माना गया है। इसे ‘कुलदीपक योग’ की तरह देखा जाता है। ऐसा जातक व्यापारिक साम्राज्य खड़ा करने की क्षमता रखता है। मैनेजमेंट, स्वतंत्र व्यवसाय, और विदेशों से जुड़े व्यापार में इनका बुद्धि कौशल शीर्ष स्तर पर काम करता है।

विशेष योग: जब दुश्मन पर भारी पड़ें जातक (राहु-मंगल का प्रभाव)

कार्य व्यापार में बुद्धि कौशल प्रयोग

“दुश्मन पर बड़े भारी, यदि राहु मंगल का हो योग

ज्योतिष में मंगल को साहस और राहु को कूटनीति का कारक माना गया है। यदि कुंडली के छठे, आठवें या एकादश भाव में बुध के मजबूत होने के साथ-साथ राहु और मंगल का पराक्रमी योग (या प्रभाव) बन रहा हो, तो जातक के सामने उसके शत्रु कभी टिक नहीं पाते।

रणनीति और साहस का मेल: मंगल जातक को निर्भीकता देता है और राहु साम-दाम-दंड-भेद की नीति सिखाता है।

बुध का तड़का: जब इस पराक्रम के साथ बुध की चतुर बुद्धि जुड़ जाती है, तो जातक अपने दुश्मनों की हर चाल को उनके चलने से पहले ही नाकाम कर देता है। ऐसे जातक कोर्ट-कचहरी के मामलों, राजनीति और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा (Market Competition) में हमेशा विजयी होते हैं।

बुध ग्रह के उपाय: बुधवार को क्या करें और क्या न करें

बुध ग्रह की शुभता बढ़ाने और व्यापार में उन्नति के लिए बुधवार के दिन का विशेष महत्व है। इस दिन निम्नलिखित नियमों का पालन करना चाहिए:

बुधवार को क्या करें (शुभ फल के लिए):

  1. गणेश जी की आराधना: बुधवार के दिन भगवान गणेश को दुर्वा (दूब घास) और बेसन के लड्डू अर्पित करें। इससे बुद्धि तीव्र होती है और व्यापार के विघ्न दूर होते हैं।
  2. हरे रंग का प्रयोग: इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनें या पास में हरा रुमाल रखें।
  3. दान कार्य: मूंग की दाल, हरी सब्जियां, या कांसे के बर्तनों का दान किसी जरूरतमंद या मंदिर में करें।
  4. किन्नरों का आशीर्वाद:यदि बुधवार के दिन कोई किन्नर दिखे, तो उन्हें कुछ पैसे या हरे वस्त्र दान करें और उनसे आशीर्वाद के रूप में एक सिक्का मांगकर अपने लॉकर या तिजोरी में रख लें।
  5. पक्षियों को दाना: तोते को हरी मिर्च खिलाना या पक्षियों को हरा मूंग डालना बुध के दोषों को शांत करता है।
  6. मंत्र जाप:बुध के बीज मंत्र का जाप करें:

बुधवार को क्या न करें (इनसे बचें):

  1. लेन-देन से बचें: बुधवार के दिन किसी को उधार देने या किसी से उधार लेने से बचना चाहिए। इस दिन दिया गया धन वापस आने में अड़चनें आती हैं।
  2. बेटी और बहन का अपमान न करें: बुध का संबंध बहन, बुआ और बेटी से है। बुधवार के दिन भूलकर भी इनसे वाद-विवाद न करें और न ही इनका दिल दुखाएं। संभव हो तो उन्हें कुछ उपहार दें।
  3. हरे रंग की चीजों का अपमान: हरी वनस्पतियों या पेड़-पौधों को इस दिन न काटें।
  4. अपशब्दों का प्रयोग: चूंकि बुध वाणी का कारक है, इसलिए बुधवार के दिन किसी को अपशब्द बोलने, झूठ बोलने या किसी का मजाक उड़ाने से बुध कमजोर होता है और व्यापार में घाटा हो सकता है। 5.यात्रा की दिशा: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुधवार के दिन उत्तर दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए (यदि बहुत जरूरी हो, तो तिल या धनिया खाकर निकलें)।

निष्कर्ष: बुध यदि अनुकूल हो तो इंसान अपनी सूझबूझ से मिट्टी को भी सोना बना सकता है। 1, 2, 3, 6, 8, और 10वें भावों का बुध जातक को व्यावहारिक और चतुर बनाता है। यदि आप राहु-मंगल के पराक्रम और बुध की बुद्धिमत्ता का सही संतुलन बनाकर, बुधवार के नियमों का पालन करते हैं, तो कार्य-व्यापार में सफलता और शत्रुओं पर विजय निश्चित है।

पं. गिरीश पाण्डेय
एस्ट्रो-गुरू, भागवत-व्यास
एस्ट्रो- सेज पैनल -मेंबर
सचिव पुरोहित मंच
ज़िला- महासमुन्द छ.ग.
संपर्क सूत्र – 7000217167
संकट मोचन मंदिर
मण्डी परिसर,पिथौरा

कुंडली संबंधी कार्यों के लिए संपर्क करें
(दक्षिणा -५०१/-)

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