समोदा में खाद नीलामी के बाद बिना स्टे ऑर्डर दिखाए अधिकारियों के भागने पर भड़के किसान, किया चक्का जाम
आरंग / समोदा: खेती-किसानी के मुख्य सीजन में खाद की किल्लत से जूझ रहे अन्नदाताओं का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। समोदा स्थित मेसर्स महानदी बीज भंडार में कृषि विभाग द्वारा जब्त 35.05 मीट्रिक टन खाद की नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद जब उसका विक्रय नहीं किया गया, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि कृषि विभाग के अधिकारी बिना किसी आधिकारिक स्टे ऑर्डर के केवल मौखिक रूप से स्टे की बात कह रहे थे, और जब किसानों ने स्टे ऑर्डर दिखाने की मांग की, तो वे उसे दिखाने में असमर्थ रहे और अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए मौके से नदारद हो गए।
इस प्रशासनिक लापरवाही और मनमानी से नाराज किसानों ने मजबूर होकर क्षेत्रीय किसान नेता संतोष सोनकर के नेतृत्व में समोदा-बलौदा बाजार मुख्य मार्ग पर जोरदार चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन घंटों पूरी तरह ठप्प रहा।
बिना आदेश स्टे की बात कहने और गुमराह करने का आरोप
जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग ने पूर्व में कार्रवाई करते हुए महानदी बीज भंडार को सील कर दिया था और दुकान में मौजूद 35.05 मीट्रिक टन खाद की खुली नीलामी की तारीख तय की थी। इस आस में आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों किसान सुबह ही समोदा पहुंच गए थे कि उन्हें खेती के लिए खाद मिल जाएगी। लेकिन मौके पर पहुंचने पर अधिकारी बिना कोई वास्तविक स्टे ऑर्डर दिखाए केवल यह कहकर पल्ला झाड़ने लगे कि स्टे लग गया है (जबकि दुकान संचालक/संबंधित पक्ष द्वारा केवल स्थगन आदेश के लिए आवेदन लगाया गया था)। ठोस आदेश न दिखा पाने और नीलामी के बाद भी खाद का वितरण न करने से किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
किसान नेता संतोष सोनकर के नेतृत्व में फूटा गुस्सा
क्षेत्रीय किसान नेता संतोष सोनकर के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कृषि विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि एक तरफ वे सहकारी समितियों और बाजारों में खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं और फसलें बर्बाद हो रही हैं, तो वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी झूठे बहाने बनाकर और बिना किसी वैध आदेश के अन्नदाताओं को सिर्फ परेशान व गुमराह कर रहे हैं।
प्रशासन की समझाइश पर माने किसान, यातायात बहाल
समोदा-बलौदा बाजार मार्ग पर अचानक हुए इस उग्र चक्काजाम के कारण दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और बसों, ट्रकों तथा यात्री वाहनों के फंसने से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही आरंग प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्रीय नेता संतोष सोनकर के बीच चर्चा के बाद, अधिकारियों द्वारा समझाइश दिए जाने पर किसान शांत हुए और उन्होंने अपना चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन सुचारू रूप से बहाल हो सका।




